AMN. अब राजस्थान की सियासत में यमुना जल समझौते को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. एक तरफ बीजेपी इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बता रही है तो दूसरी तरफ कांग्रेस कह रही है कि कम से कम एक लोटा पानी लेकर आएं. एक तरफ बीजेपी ने कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर हमला बोला है तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने इस समझौते का स्वागत करते हुए सरकार की मंशा और पूरी योजना पर कई बड़े सवाल उठाए हैं.
क्या कह रही है बीजेपी?
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो बीजेपी के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि अशोक गहलोत ने पहले कहा था कि राजस्थान को हरियाणा से कभी भी यमुना का पानी नहीं मिल सकता, पूर्व सीएम ने यह भी कहा था कि अगर ऐसा हुआ तो वह खुद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का फूलों की माला पहनाकर स्वागत करेंगे. राठौड़ ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हरियाणा और राजस्थान के बीच एमओए पर हस्ताक्षर हुए हैं, इसलिए अब गहलोत को अपना वादा निभाना चाहिए.
ये आरोप भी लगाए
खबरों की मानें तो उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अपने कार्यकाल के दौरान गहलोत अपनी कुर्सी बचाने के लिए दिल्ली जाते थे, जबकि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा राजस्थान के हितों के लिए केंद्र से योजनाएं और सौगातें लेकर आते हैं.
पीसी- ज़ी न्यूज़
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