AMN. राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है. सरकार की ओर से कई बार समय दिया गया, लेकिन किसी न किसी कारण से चुनाव नहीं हो पा रहा है. इन चुनावों को लेकर कोर्ट ने भी सख्त रुख दिखाया है. अब फिर खबर है कि लंबे समय से टल रहे पंचायत और शहरी निकाय चुनाव अब सितंबर से नवंबर के बीच हो सकते हैं. इसके संकेत सरकार की ओर से हाई कोर्ट में दायर अर्जी से मिले हैं.
समय बढ़ाने की मांग
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार ने कोर्ट से चुनाव कराने की समय सीमा 31 जुलाई तक बढ़ाने की मांग की है. सरकार ने अपनी अर्जी में ओबीसी आयोग और राज्य चुनाव आयोग के साथ हुए पत्राचार का हवाला देते हुए चुनाव स्थगित करने का अनुरोध किया है. सरकार का कहना है कि अभी तक ओबीसी आयोग से राजनीतिक आरक्षण को लेकर अंतिम रिपोर्ट नहीं मिली है.
ये तर्क दिया
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सरकार का तर्क है कि राज्य में ओबीसी आबादी करीब 50 फीसदी है. ऐसे में उनका राजनीतिक आरक्षण निर्धारित किए बिना चुनाव कराना उचित नहीं होगा. इसलिए चुनाव कराने के लिए पर्याप्त समय देना जरूरी है. प्रदेश भर में ओबीसी डेटा का सर्वे कराया जा रहा है. सर्वेक्षण के बाद आंकड़ों का विश्लेषण कर आयोग 14 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगा. इसके बाद राज्य सरकार 31 अगस्त तक आरक्षण से संबंधित विस्तृत विवरण राज्य निर्वाचन आयोग को उपलब्ध करा सकेगी. सरकार ने राज्य निर्वाचन आयोग के पत्र का हवाला देते हुए कहा कि आरक्षणवार ब्योरा मिलने के बाद चुनाव प्रक्रिया पूरी करने में करीब 90 दिन लगेंगे.
पीसी-टीवी9
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