मार्च 2025 से ही जस्टिस वर्मा विवादों के घेरे में हैं। यह मामला तब गरमाया जब दिल्ली हाई कोर्ट के जज के रूप में उनके आधिकारिक बंगले के आउटहाउस में जले हुए नोटों का अंबार मिला। हालांकि, आगजनी के दौरान वे वहां मौजूद नहीं थे, फिर भी सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय इन-हाउस कमेटी ने अपनी जांच में यह पाया कि नकदी के उस गुप्त भंडार पर जस्टिस वर्मा का ही सक्रिय या परोक्ष नियंत्रण था।
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