‘लालू की पाठशाला’ से निकले नेता चला रहे सरकार: बिहार विधानसभा में तेजस्वी यादव का तीखा प्रहार
बिहार विधानसभा के विशेष सत्र में शुक्रवार को सियासी पारा तब चढ़ गया, जब विश्वास मत प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने तीखे तेवरों से सरकार की घेराबंदी की। तेजस्वी ने सत्ता पक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि चुनाव के वक्त ही यह साफ हो गया था कि भाजपा के लोग नीतीश कुमार को ज्यादा दिनों तक मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नहीं रहने देंगे और आज राज्य में वही हालात पैदा हो गए हैं।
उन्होंने बिहार की राजनीतिक अस्थिरता पर चुटकी लेते हुए कहा कि बिहार वाकई एक ‘अजूबा’ राज्य बन गया है, जहां महज पांच साल के भीतर पांच-पांच बार सरकारें गठित हुईं। तेजस्वी ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी नौबत बार-बार क्यों आती है? मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर मुखातिब होते हुए आरजेडी नेता ने कहा, “आपने जो संकल्प लिया था, उसे आखिरकार पूरा किया। एक निर्वाचित मुख्यमंत्री (Elected CM) को एक चयनित मुख्यमंत्री (Selected CM) ने हटा दिया।”
सम्राट चौधरी की पगड़ी और भाजपा के ‘अंतर्विरोध’ पर तंज
तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी की पगड़ी को लेकर भी दिलचस्प टिप्पणी की। उन्होंने मजाकिया लहजे में आगाह करते हुए कहा कि सम्राट जी अपनी पगड़ी संभाल कर रखिएगा, क्योंकि उस पर उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा की पैनी नजर है। तेजस्वी यहीं नहीं रुके, उन्होंने सरकार के शीर्ष नेतृत्व पर हमला बोलते हुए कहा कि आज सरकार के ‘टॉप-थ्री’ पदों पर जो लोग बैठे हैं, वे सब दूसरी जगहों से आए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद आरजेडी यानी ‘लालू यादव की पाठशाला’ की उपज हैं, उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी कांग्रेस से आए हैं और बिजेंद्र प्रसाद यादव जनता दल की पृष्ठभूमि से हैं।
‘उपेक्षित महसूस कर रहे हैं असली भाजपाई’
तेजस्वी ने भाजपा के पुराने कार्यकर्ताओं के प्रति सहानुभूति दिखाते हुए कहा कि आज किसी भी ‘ओरिजिनल’ भाजपाई को किसी बड़े पद पर बैठने का मौका नहीं मिला। असली बीजेपी के समर्पित नेता आज खुद को पीड़ित और नाखुश महसूस कर रहे हैं। उन्होंने सम्राट चौधरी की उम्र पर भी सवालिया निशान लगाया और तंज कसते हुए पूछा कि उनके शपथ पत्र में दी गई अलग-अलग उम्र में से किस उम्र को सच माना जाए?
‘खाली खजाना और विकास की चुनौती’
सदन में सत्ता पक्ष की टोका-टोकी के बीच तेजस्वी ने राज्य की आर्थिक स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि जब लालू यादव ने मुख्यमंत्री का पद छोड़ा था, तब बिहार का खजाना मुनाफे (सरप्लस) में था, लेकिन आज खजाना खाली है। उन्होंने सवाल किया कि अगर खजाना खाली है, तो विकास के काम कैसे पूरे होंगे? हालांकि, विपक्ष में होने के बावजूद उन्होंने एक जिम्मेदार नेता की तरह सरकार को सहयोग का भरोसा दिया। तेजस्वी ने कहा कि बिहार को गरीबी के जाल से निकालने के लिए महागठबंधन हर संभव सहयोग देगा। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके पास संख्या बल कम है, लेकिन सरकार को विकास के पथ पर आगे बढ़ने की सलाह देते हुए कहा कि बिहार के हित में विपक्ष हमेशा उनके साथ खड़ा रहेगा।
(इनपुट: आईएएनएस)
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