जयपुर. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश केंद्र सरकार को लेकर बड़ी बात कही है. उन्होंने इस बजट को राजस्थान के लिए फीका बताया है.
केंद्रीय बजट को लेकर पूर्व सीएम गहलोत ने एक्स के माध्यम से कहा कि बजट भाषण में देश के सबसे बड़े राज्य राजस्थान का जिक्र न होना प्रदेश के साथ हो रहे सौतेले रिश्ते को दर्शाता है. ईआरसीपी का कोई जिक्र नहीं था और न ही राजस्थान में किसी नए रेलवे प्रोजेक्ट या मेट्रो प्रोजेक्ट की घोषणा की गई. गरीबों, मजदूरों और असंगठित क्षेत्र की बड़ी आबादी के लिए राहत की कोई बड़ी घोषणा नहीं की गई है. कुल मिलाकर डबल इंजन के बावजूद यह बजट राजस्थान के लिए ‘डैम्प स्क्विब’ यानी हाईएंड फीकी डिश साबित हुआ है.
केंद्रीय बजट-2026 की घोषणाओं के बाद राजस्थान में निराशा का माहौल है: डोटासरा
बजट को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने एक्स के माध्यम से कहा कि केंद्रीय बजट-2026 की घोषणाओं के बाद देश और खासकर राजस्थान में निराशा का माहौल है. यह हताशा मोदी सरकार के दावों और ज़मीनी हक़ीक़त के बीच गहरे अंतर को साफ़ दिखाती है। यह बजट राजस्थान की जनता के विश्वास पर भी गहरा आघात है, हर बार की तरह इस बार भी राज्य को मोदी सरकार ने निशाने पर लिया है. न किसी राष्ट्रीय परियोजना की घोषणा हुई, न ईआरसीपी का जिक्र, न कोई विशेष पैकेज, न जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजना को लेकर कोई ठोस घोषणा।
कृषि उत्पादों के विकास के नाम पर केवल कुछ चुनिंदा राज्यों को ही शामिल किया गया और राजस्थान जैसे कृषि प्रधान राज्यों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। पर्यटन के क्षेत्र में भी यही भेदभाव साफ़ नज़र आया। अन्य राज्यों के लिए तो घोषणाएं की गईं, लेकिन सांस्कृतिक और विरासत से समृद्ध राजस्थान को नजरअंदाज कर दिया गया। बजट में जिलों में इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने की बात तो कही गयी है, लेकिन स्मार्ट सिटी बनाने की पहले की गयी घोषणाएं कागजों पर ही हैं. सरकार पहले बताए कि कितने शहर स्मार्ट हो गए?
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