जयपुर. राजस्थान विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर राज्य की भजनलाल सरकार पर निशाना साधा है. इस संबंध में गहलोत ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने आज एक्स के माध्यम से कहा कि जिस तरह से राजस्थान की कानून व्यवस्था और सुरक्षा का मजाक उड़ाया जा रहा है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. राजस्थान विधानसभा को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलना कोई सामान्य बात नहीं है. अभी कुछ दिन पहले भी ऐसी धमकी मिली थी. विधानसभा जैसे लोकतंत्र के मंदिर को बार-बार निशाना बनाने से पता चलता है कि अपराधियों के हौंसले कितने बुलंद हैं और उनके मन से कानून का डर पूरी तरह खत्म हो गया है.
गहलोत ने कहा कि खुद मुख्यमंत्री को कई बार धमकियां मिल चुकी हैं. मुख्यमंत्री किसी एक पार्टी के नहीं बल्कि हम सभी के होते हैं. ये सभी के लिए चिंता की बात है कि उन्हें इस तरह की धमकियां मिल रही हैं. हाईकोर्ट, जिला समाहरणालय और अन्य सरकारी कार्यालयों को मिल रही ये धमकियां जनता के मन में असुरक्षा की भावना पैदा कर रही हैं.
सुरक्षा एजेंसियां और सरकार इस नेटवर्क को तोड़ने में सफल नहीं हो पा रही हैं.
उन्होंने कहा कि जब विधानसभा, हाईकोर्ट और समाहरणालय जैसे अति संवेदनशील स्थानों और मुख्यमंत्री जैसे प्रमुख व्यक्ति को अपराधी खुलेआम चुनौती दे रहे हैं तो आम जनता की सुरक्षा का क्या हाल होगा, यह समझा जा सकता है. इस तरह की घटना करीब छह माह से चल रही है, लेकिन अब तक मुख्य अपराधी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं. यह स्थिति बताती है कि सुरक्षा एजेंसियां और सरकार इस नेटवर्क को तोड़ने में सफल नहीं हो रही हैं.
मुख्यमंत्री को स्वयं इसका संज्ञान लेना चाहिए
गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री को स्वयं इस पर संज्ञान लेना चाहिए और पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश देना चाहिए कि जो भी इन धमकियों के पीछे है उसे तुरंत सलाखों के पीछे भेजा जाए ताकि जनता में सुरक्षा का विश्वास फिर से बहाल हो सके.
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