पुणे से सीकर और फिर पूरे देश में फैला पेपर लीक का जाल: सौगत रॉय का बड़ा खुलासा
संसद के भीतर पेपर लीक के गंभीर मुद्दे पर तीखी बहस छिड़ी हुई है। नीट (NEET) धांधली और पेपर लीक मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने जांच की कड़ियों को जोड़ते हुए बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा, “यह अब शीशे की तरह साफ है कि पेपर लीक की चिंगारी पुणे से उठी। वहां एक गहरा कनेक्शन था, जहां से यह राजस्थान के सीकर पहुंचा और देखते ही देखते पूरे देश में कैंसर की तरह फैल गया। अब असली गुनहगारों का चेहरा बेनकाब होने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा।”
संसद में इस मुद्दे पर करीब नौ घंटे तक चली मैराथन चर्चा को लेकर सौगत रॉय ने विपक्षी एकता और उनके धारदार सवालों की सराहना की। ‘आईएएनएस’ से बात करते हुए उन्होंने कहा, “विपक्ष ने सरकार को पूरी तरह से घेरे रखा। हमने न केवल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की बड़ी विफलता को उजागर किया, बल्कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिसिया बर्बरता का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाया। इस बहस में प्रियंका गांधी का वह बयान बेहद सटीक था, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री को कैमरे का एंगल बदलने के बजाय अब अपने दिल का नजरिया बदलना चाहिए। विपक्ष के हमलों के सामने सत्ता पक्ष का बचाव काफी कमजोर नजर आया।”
बिलकिस बानो मामले पर सरकार को घेरा
पेपर लीक के अलावा, राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी पर की गई टिप्पणी का भी सौगत रॉय ने समर्थन किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने बिलकिस बानो मामले के दोषियों की रिहाई का मुद्दा उठाकर सरकार की नैतिकता पर सवाल खड़े किए हैं। यह बेहद अफसोसजनक है कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग ऐसे दोषियों के पक्ष में खड़े दिखे। इस पर सरकार की चुप्पी उसकी मंशा पर सवाल उठाती है।
कीर्ति आजाद का प्रहार: ‘इतिहास बदलने की कोशिश कर रही भाजपा’
दूसरी ओर, कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे द्वारा वीडी सावरकर और सुभाष चंद्र बोस को लेकर दिए गए बयानों पर टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने खड़गे का समर्थन करते हुए कहा, “प्रियांक खड़गे ने कतई गलत नहीं कहा। भाजपा की पूरी मशीनरी देश के गौरवशाली इतिहास और शिक्षा व्यवस्था के मूल ढांचे को बदलने की साजिश में जुटी है।” आजाद ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की भी आलोचना की और राष्ट्रीय ध्वज के अपमान से जुड़ी पुरानी घटनाओं का जिक्र करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की।
पार्टी के भीतर ‘बागियों’ को दी कड़ी चेतावनी
पार्टी के आंतरिक मुद्दों पर बोलते हुए कीर्ति आजाद का गुस्सा ‘बागी’ सांसदों पर फूटा। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा, “वे बागी नहीं, बल्कि गद्दार हैं। स्पीकर ने अब तक उन्हें कोई अलग पहचान नहीं दी है। जो लोग टीएमसी की पीठ में छुरा घोंप रहे हैं, उनकी संसद सदस्यता तुरंत रद्द की जानी चाहिए।”
आईएएनएस के इनपुट के साथ
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