त्रासदी ‘मोंथा’: आंध्र-ओडिशा में मौत का तांडव, सब कुछ तबाह!

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चक्रवात मोंथा से तबाही, आंध्र-ओडिशा में भारी नुकसान, अब तक 3 की मौत, हजारों हेक्टेयर फसलें तबाह, रेल-उड़ान सेवाएं ठप

मोंथा का कहर: आंध्र-ओडिशा में तबाही, लाखों बेघर, जनजीवन अस्त-व्यस्त

चक्रवात मोंथा ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई है। हजारों लोग राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं, जबकि दर्जनों ट्रेनें और उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। 38,000 हेक्टेयर से अधिक फसलें बर्बाद हो गई हैं। सरकार ने राहत और बचाव कार्यों में तेजी ला दी है।

आंध्र प्रदेश में विनाशकारी दस्तक

यह भीषण चक्रवाती तूफान बीती रात आंध्र प्रदेश के काकीनाडा के पास पहुंचा। मौसम विभाग के अनुसार, मोंथा मंगलवार रात से बुधवार सुबह के बीच आंध्र प्रदेश और यानम तटों से गुजरा, जिसके कारण अब तक तीन लोगों की मौत की सूचना है।

फसलें और बागान तबाह

तूफान ने आंध्र प्रदेश में भारी नुकसान पहुंचाया है। 38,000 हेक्टेयर फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं और लगभग 1.38 लाख हेक्टेयर में फैले बागानों को भी गंभीर क्षति पहुंची है। कोनासीमा जिले के मकानगुडेम गांव में एक महिला की दुखद मृत्यु हो गई जब एक ताड़ का पेड़ उसके ऊपर गिर गया।

सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत कार्य शुरू कर दिए हैं। अब तक 76,000 लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। इसके अतिरिक्त, 219 मेडिकल कैंप स्थापित किए गए हैं और पशुओं के लिए 865 टन चारे की व्यवस्था की गई है।

यातायात ठप, जनजीवन अस्त-व्यस्त

चक्रवात के प्रकोप के चलते, सरकार ने कृष्णा, एलुरु और काकीनाडा जिलों में मंगलवार रात 8:30 बजे से बुधवार सुबह 6 बजे तक वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी, केवल आपातकालीन सेवाओं को छूट दी गई थी।

भारतीय रेलवे ने वाल्टेयर और दक्षिण मध्य रेलवे क्षेत्रों में कई ट्रेनों को रद्द कर दिया, जिससे सोमवार और मंगलवार को 120 ट्रेनें प्रभावित हुईं। विशाखापत्तनम हवाई अड्डे से मंगलवार को 32 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि विजयवाड़ा हवाई अड्डे से 16 उड़ानें प्रभावित हुईं।

ओडिशा भी चपेट में

चक्रवात का असर ओडिशा में भी देखा गया, जहां राज्य के 15 जिलों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मलकानगिरी, कोरापुट, रायगढ़ा, गजपति, गंजम, कंधमाल, कालाहांडी और नवरंगपुर जिलों में भूस्खलन, पेड़ गिरने और मकानों को नुकसान की घटनाएं सामने आई हैं। गजपति जिले में पहाड़ी से गिरे बड़े पत्थरों के कारण पांच गांवों की सड़कें अवरुद्ध हो गईं, और रायगढ़ा जिले के कई इलाकों में भी पेड़ उखड़ गए।

सरकार की तैयारी और राहत अभियान

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने चक्रवात की स्थिति की समीक्षा करते हुए बताया कि सरकार ने किसी भी जान-माल की हानि को रोकने के लिए 2,000 से अधिक चक्रवात आश्रय स्थल तैयार किए हैं। राज्य में एनडीआरएफ और ओडीआरएएफ की 153 बचाव टीमें, जिनमें 6,000 से अधिक कर्मी शामिल हैं, आठ दक्षिणी जिलों में लगातार राहत और बचाव कार्य कर रही हैं।

भारी बारिश का अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 29 अक्टूबर तक आंध्र प्रदेश और यानम में कई स्थानों पर भारी से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है, कुछ स्थानों पर 20 सेंटीमीटर से अधिक वर्षा की संभावना है। ओडिशा के दक्षिणी और तटीय इलाकों में भी भारी बारिश और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।


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