“सोर्स बता दो या फिर जेल जाने को तैयार रहो!”—अमेरिकी राष्ट्रपति के इन कड़े तेवरों ने प्रेस की आजादी और नेशनल सिक्योरिटी की रिपोर्टिंग पर एक नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने लीक करने वाले सोर्स को ‘बीमार’ करार देते हुए साफ चेतावनी दी है कि अगर पहचान उजागर नहीं की गई, तो अंजाम जेल होगा।
यह पूरा विवाद एक लापता पायलट की गोपनीय जानकारी लीक होने से जुड़ा है। व्हाइट हाउस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है, जबकि ट्रंप का तर्क है कि इस खुलासे ने न केवल उस पायलट, बल्कि उसे तलाशने वाले सैकड़ों लोगों की जान भी जोखिम में डाल दी है। यह टकराव प्रशासन और मीडिया के बीच की उस गहरी होती खाई को दर्शाता है, जहां सैन्य अभियानों की गोपनीयता दांव पर लगी है।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तो ट्रंप सीधे न्यूयॉर्क टाइम्स के रिपोर्टर पर बरस पड़े। उन्होंने अखबार की साख पर सवाल उठाते हुए कहा, “न्यूयॉर्क टाइम्स की अब कोई विश्वसनीयता नहीं बची। उन्होंने दावा किया था कि मैं चुनाव हारूँगा, लेकिन मैंने हर स्विंग स्टेट में ऐतिहासिक जीत दर्ज की। कभी आपकी खबरें छापने लायक होती थीं, लेकिन अब ऐसा नहीं है।”
ट्रंप ने तीखा हमला जारी रखते हुए आरोप लगाया, “आप लोग पुरानी लकीर पीट रहे हैं, जबकि आपको सही खबरें देनी चाहिए। मैं आप जैसे लोगों को पूरी तरह फर्जी मानता हूं। आप सिर्फ ‘फेक न्यूज’ फैला रहे हैं।”
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