एक अनसुलझी पहेली: पत्रकार प्रताप की रहस्यमयी मौत
उत्तरकाशी पुलिस ने 19 सितंबर को पत्रकार प्रताप की गुमशुदगी की सूचना मिलते ही गहन तलाशी अभियान शुरू कर दिया था। चप्पे-चप्पे की छानबीन, सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण, और एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, ड्रोन तथा श्वान दलों की मदद के बावजूद, उनकी तलाश एक जटिल पहेली साबित हो रही थी। सीसीटीवी फुटेज ने 18 सितंबर को प्रताप को आखिरी बार अकेले वाहन चलाते हुए दिखाया, लेकिन इसके बाद वे रहस्यमयी ढंग से गायब हो गए।
20 सितंबर को, भागीरथी नदी में एक क्षतिग्रस्त वाहन मिला, जिसने मामले में एक नया मोड़ ला दिया। पत्रकार के परिजनों के अनुरोध पर, अपहरण की प्राथमिकी दर्ज की गई और खोज जारी रही। 28 सितंबर को, नदी से प्रताप का शव बरामद हुआ, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उनकी मृत्यु का कारण स्पष्ट किया। रिपोर्ट के अनुसार, प्रताप की मौत दुर्घटना के दौरान लगी आंतरिक चोटों के कारण हुई। उत्तरकाशी की पुलिस अधीक्षक सरिता डोभाल ने बताया, “पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी छाती तथा पेट में आंतरिक चोटों की वजह से उनकी मृत्यु होना बताया गया है। चिकित्सकों के अनुसार, ऐसी चोटें दुर्घटना के दौरान लग जाती हैं।”
हालांकि, यह घटना अभी भी कई अनसुलझे सवालों के साथ रह गई है। क्या यह एक साधारण दुर्घटना थी, या इसके पीछे कोई गहरा रहस्य छिपा है? पुलिस जांच जारी है, और उम्मीद है कि सत्य जल्द ही सामने आएगा।
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