मतदाताओं के नाम हटाने के आरोपों पर राजनीतिक घमासान: प्रदर्शनकारी और बीजेपी आमने-सामने
पश्चिम बंगाल में चल रहा राजनीतिक पारा एक बार फिर गरमा गया है। मतदाता सूची में कथित तौर पर गड़बड़ी को लेकर प्रदर्शन कर रहे बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
बीएलओ का बीजेपी पर गंभीर आरोप:
प्रदर्शनकारी बीएलओ ने जवाबी नारे लगाते हुए बीजेपी पर “पश्चिम बंगाल में वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाने के लिए निर्वाचन आयोग के साथ मिलीभगत” का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बीजेपी कार्यकर्ता “शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे बीएलओ को आतंकित करने और भड़काने की कोशिश कर रहे थे, जो केवल सीईओ (मुख्य निर्वाचन अधिकारी) से मिलना चाहते थे।”
बीजेपी का पलटवार:
वहीं, बीजेपी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। बीजेपी नेता घोष ने दावा किया है कि “प्रदर्शनकारी बीएलओ नहीं हैं। वे तृणमूल समर्थित संगठनों के नेता हैं।”
बीएलओ फोरम की दो टूक:
बीएलओ फोरम के सदस्यों ने बीजेपी के आरोपों को “निराधार” बताते हुए खारिज कर दिया है।
यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल में चल रहे राजनीतिक माहौल में एक नया मोड़ लेकर आया है, जहां मतदाता सूची को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला किस दिशा में आगे बढ़ता है और इसका मतदाताओं पर क्या असर पड़ता है।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
