योगी सरकार के प्रयासों से UP में 9 लाख से ज्यादा रूफटॉप सोलर प्लांट, 3,000 MW से अधिक क्षमता जुड़ी

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PEEYUSH UPADHYAY
पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव...
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उत्त्तर प्रदेश में घरेलू सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ी उपलब्धि सामने आई है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत प्रदेश में 9 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं। इनसे राज्य में 3,000 मेगावाट यानी 3 गीगावाट से अधिक सौर ऊर्जा क्षमता जुड़ गई है।

घरों की छतों पर सोलर से बढ़ रही स्वच्छ ऊर्जा

रूफटॉप सोलर के विस्तार से घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिल में बचत के साथ स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने में मदद मिल रही है। इससे पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में भी फायदा हो सकता है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में यूपी की रफ्तार

2026 के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और जर्मनी में भी रूफटॉप सोलर तेजी से बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन करीब 9-10 मेगावाट घरेलू रूफटॉप सोलर क्षमता जोड़ने की दर प्रदेश में चल रहे अभियान के बड़े पैमाने को दर्शाती है।

पात्र परिवारों को ₹1.08 लाख तक की सब्सिडी

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से निर्धारित नियमों के अनुसार अधिकतम ₹1.08 लाख तक की सब्सिडी दी जा रही है।

योजना के अनुसार इच्छुक उपभोक्ता 31 मार्च 2027 तक आवेदन कर सकते हैं। सब्सिडी से घरेलू सोलर प्लांट लगाने की शुरुआती लागत कम करने में मदद मिलती है।

1 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर

UP NEDA के निदेशक रविन्दर सिंह के मुताबिक, प्रदेश में 9,500 से अधिक वेंडर्स का नेटवर्क सोलर प्लांट की स्थापना, उपकरणों की आपूर्ति, परिवहन और रखरखाव जैसी गतिविधियों में काम कर रहा है।

सोलर सेक्टर के विस्तार से 1 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है। इससे युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं।

रोजाना 1.35 करोड़ यूनिट बिजली उत्पादन की क्षमता

3,000 मेगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता को आधार मानते हुए यदि प्रति किलोवाट प्रतिदिन औसतन 4.5 यूनिट उत्पादन माना जाए, तो लगभग 1.35 करोड़ यूनिट स्वच्छ बिजली प्रतिदिन पैदा करने की अनुमानित क्षमता बनती है।

₹6.50 प्रति यूनिट की सांकेतिक दर के हिसाब से इसका अनुमानित आर्थिक मूल्य करीब ₹8.78 करोड़ प्रतिदिन और लगभग ₹3,202 करोड़ सालाना हो सकता है। हालांकि वास्तविक उत्पादन मौसम, धूप, प्लांट की क्षमता और लागू बिजली दरों पर निर्भर करेगा।

सोलर उपकरणों के स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा

रूफटॉप सोलर के विस्तार से सोलर मॉड्यूल, इन्वर्टर, बैटरी, केबल और माउंटिंग स्ट्रक्चर जैसे उपकरणों की मांग बढ़ सकती है। इसके साथ इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस से जुड़े स्थानीय कारोबार को भी फायदा मिलने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश में रूफटॉप सोलर का बढ़ता नेटवर्क राज्य की हरित अर्थव्यवस्था, ऊर्जा बचत और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ी उपलब्धि सामने आई है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत प्रदेश में 9 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं। इनसे राज्य में 3,000 मेगावाट यानी 3 गीगावाट से अधिक सौर ऊर्जा क्षमता जुड़ गई है।

घरों की छतों पर सोलर से बढ़ रही स्वच्छ ऊर्जा

रूफटॉप सोलर के विस्तार से घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिल में बचत के साथ स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने में मदद मिल रही है। इससे पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में भी फायदा हो सकता है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में यूपी की रफ्तार

2026 के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और जर्मनी में भी रूफटॉप सोलर तेजी से बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन करीब 9-10 मेगावाट घरेलू रूफटॉप सोलर क्षमता जोड़ने की दर प्रदेश में चल रहे अभियान के बड़े पैमाने को दर्शाती है।

पात्र परिवारों को ₹1.08 लाख तक की सब्सिडी

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से निर्धारित नियमों के अनुसार अधिकतम ₹1.08 लाख तक की सब्सिडी दी जा रही है।

योजना के अनुसार इच्छुक उपभोक्ता 31 मार्च 2027 तक आवेदन कर सकते हैं। सब्सिडी से घरेलू सोलर प्लांट लगाने की शुरुआती लागत कम करने में मदद मिलती है।

1 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर

UP NEDA के निदेशक रविन्दर सिंह के मुताबिक, प्रदेश में 9,500 से अधिक वेंडर्स का नेटवर्क सोलर प्लांट की स्थापना, उपकरणों की आपूर्ति, परिवहन और रखरखाव जैसी गतिविधियों में काम कर रहा है।

सोलर सेक्टर के विस्तार से 1 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है। इससे युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं।

रोजाना 1.35 करोड़ यूनिट बिजली उत्पादन की क्षमता

3,000 मेगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता को आधार मानते हुए यदि प्रति किलोवाट प्रतिदिन औसतन 4.5 यूनिट उत्पादन माना जाए, तो लगभग 1.35 करोड़ यूनिट स्वच्छ बिजली प्रतिदिन पैदा करने की अनुमानित क्षमता बनती है।

₹6.50 प्रति यूनिट की सांकेतिक दर के हिसाब से इसका अनुमानित आर्थिक मूल्य करीब ₹8.78 करोड़ प्रतिदिन और लगभग ₹3,202 करोड़ सालाना हो सकता है। हालांकि वास्तविक उत्पादन मौसम, धूप, प्लांट की क्षमता और लागू बिजली दरों पर निर्भर करेगा।

सोलर उपकरणों के स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा

रूफटॉप सोलर के विस्तार से सोलर मॉड्यूल, इन्वर्टर, बैटरी, केबल और माउंटिंग स्ट्रक्चर जैसे उपकरणों की मांग बढ़ सकती है। इसके साथ इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस से जुड़े स्थानीय कारोबार को भी फायदा मिलने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश में रूफटॉप सोलर का बढ़ता नेटवर्क राज्य की हरित अर्थव्यवस्था, ऊर्जा बचत और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


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पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव पत्रकारिता में 7+ वर्षों का है और वे निष्पक्ष, भरोसेमंद और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कई पुरस्कार और मान्यता प्राप्त की है, जिनमें 2022 में “Best Investigative Journalist” और 2021 में “Top 10 Editors in Uttarakhand” शामिल हैं।
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