आपकी बातों का सीधा असर, मेटा के एआई चैट टूल्स से आपके फीड और विज्ञापनों पर!
मेटा 16 दिसंबर, 2025 से एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है, जहाँ आपके द्वारा की जाने वाली बातचीत, चाहे वह टाइप की गई हो या वॉयस, सीधे फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और मैसेंजर पर आपके अनुभव को आकार देगी। यह सिर्फ आपकी चैट तक ही सीमित नहीं है, बल्कि आपकी ‘लाइक’, ‘फॉलो’ और ‘शेयर’ की गई गतिविधियों को भी डेटा में शामिल किया जाएगा।
सोचें, बात करें, और वैसा ही पाएं!
आपके सवाल, कमांड और सामान्य बातचीत अब मेटा के डेटाबेस का हिस्सा बनेंगी। इसी आधार पर यह तय होगा कि आपके फीड और विज्ञापनों में क्या दिखेगा। कल्पना कीजिए, अगर आप हाइकिंग की बातें करते हैं, तो आपको तुरंत हाइकिंग से जुड़े ग्रुप्स, दोस्तों की रोमांचक पोस्ट्स या हाइकिंग गियर के लुभावने विज्ञापन दिखने लगेंगे। यह सुविधा आपके जुड़े हुए अकाउंट्स पर भी लागू होगी, यानी व्हाट्सएप या मैसेंजर पर की गई बातचीत का असर आपके फेसबुक या इंस्टाग्राम फीड पर भी दिखेगा।
गोपनीयता की चिंता? मेटा का आश्वासन!
मेटा ने स्पष्ट किया है कि आपकी गोपनीयता को सर्वोपरि रखा जाएगा। धर्म, यौनिकता, स्वास्थ्य, राजनीति, जाति या नस्ल जैसे अत्यंत संवेदनशील विषयों पर आधारित बातचीत को वैयक्तिकरण के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण बदलाव की जानकारी आपको 7 अक्टूबर, 2025 से नोटिफिकेशन के माध्यम से दी जाएगी।
वैश्विक असर, कुछ अपवादों के साथ
यह नई व्यवस्था अधिकांश वैश्विक उपयोगकर्ताओं के लिए 16 दिसंबर से लागू हो जाएगी। हालांकि, यूके, यूरोपीय संघ और दक्षिण कोरिया जैसे क्षेत्रों में, नियामक और गोपनीयता नियमों को ध्यान में रखते हुए, इसे फिलहाल लागू नहीं किया जाएगा। अनुमान है कि इस अपडेट से एक अरब से अधिक मासिक सक्रिय उपयोगकर्ता प्रभावित होंगे।
भविष्य की ओर एक कदम: एआई और व्यक्तिगत अनुभव
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम मेटा को अन्य तकनीकी दिग्गजों की राह पर ले जाएगा, जो जनरेटिव एआई का उपयोग करके विज्ञापन लक्ष्यीकरण को और बेहतर बना रहे हैं और व्यक्तिगत अनुभव को बढ़ा रहे हैं। कंपनी का कहना है कि इससे आपके लिए विज्ञापन अधिक प्रासंगिक और अनुभव अधिक सुखद होगा। हालांकि, यह भी संभव है कि इसका असर आपकी डेटा पर नियंत्रण रखने की क्षमता पर भी पड़े। दिसंबर से, मेटा एआई के साथ आपकी हर बातचीत सीधे आपके फीड और विज्ञापनों को प्रभावित करेगी, और इस प्रभाव से बचने का एकमात्र तरीका होगा कि आप एआई का उपयोग ही बंद कर दें।
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