सावधान! कहीं आपके पैन कार्ड का गलत इस्तेमाल तो नहीं हो रहा? ऐसे करें पहचान और बचाव
डिजिटल बैंकिंग के इस दौर में पैन कार्ड के जरिए फर्जी लोन या क्रेडिट कार्ड लेना अब जालसाजों के लिए बेहद आसान हो गया है। खुद को सुरक्षित रखने का सबसे असरदार तरीका है—अपनी CIBIL रिपोर्ट और इनकम टैक्स विभाग के AIS (Annual Information Statement) पर पैनी नजर रखना। यदि आपको जरा सी भी संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो बिना देरी किए साइबर सेल और संबंधित बैंक को इसकी सूचना जरूर दें।
कैसे जानें कि आपका पैन कार्ड सुरक्षित है?
अपनी क्रेडिट रिपोर्ट की नियमित जांच करना सुरक्षा की पहली सीढ़ी है। आप TransUnion CIBIL, Experian या Equifax जैसी आधिकारिक वेबसाइटों पर जाकर साल में एक बार अपनी मुफ्त रिपोर्ट देख सकते हैं। रिपोर्ट देखते समय गौर करें: क्या वहां कोई ऐसा लोन या क्रेडिट कार्ड दर्ज है जिसके बारे में आपको जानकारी न हो? क्या कोई अनजान बैंक अकाउंट या ऐसी ‘क्रेडिट इंक्वायरी’ दिख रही है जो आपने कभी की ही नहीं? आज के समय में आप Google Pay, Paytm और CRED जैसे ऐप्स की मदद से भी पल भर में अपना क्रेडिट स्कोर चेक कर सकते हैं।
AIS और Form 26AS: सुरक्षा का मजबूत कवच
इनकम टैक्स पोर्टल से अपना AIS या Form 26AS जरूर डाउनलोड करें। यह दस्तावेज आपके पैन कार्ड का पूरा लेखा-जोखा होता है, जिसमें बैंक खातों, मिलने वाले ब्याज और बड़े लेन-देन का विवरण दर्ज होता है। अगर यहां कोई अनजान खाता दिखे, तो समझ लें कि कुछ गड़बड़ है।
खतरे के इन संकेतों को न करें नजरअंदाज:
- क्रेडिट स्कोर का अचानक और तेजी से गिर जाना।
- अनजान बैंकों या NBFC कंपनियों से बार-बार कॉल आना।
- बिना अप्लाई किए ही लोन रिजेक्ट होने के नोटिफिकेशन मिलना।
- बैंक स्टेटमेंट में संदिग्ध ट्रांजेक्शन का दिखाई देना।
धोखाधड़ी का पता चले तो तुरंत उठाएं ये कदम:
सबसे पहले क्रेडिट ब्यूरो में ‘डिस्प्यूट’ (Dispute) दर्ज करें। इसके बाद तुरंत साइबर सेल या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत करें और अपने बैंक को सूचित करें। जरूरत पड़ने पर पैन सुरक्षा के लिए इनकम टैक्स विभाग से भी संपर्क करें।
एक्सपर्ट्स की सलाह है कि हर 3 से 6 महीने में अपनी क्रेडिट रिपोर्ट और AIS की जांच करते रहें। आपकी यही छोटी सी सतर्कता आपको किसी बड़े आर्थिक नुकसान से बचा सकती है।
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