ट्रंप का ‘मिशन 2028’: मिडटर्म की चुनौतियों के बीच अगली सत्ता के लिए बिछाई सियासी बिसात
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आगामी मिडटर्म चुनावों को लेकर भले ही थोड़े चिंतित नजर आ रहे हों, लेकिन उनकी असली निगाहें अब भविष्य की बड़ी तस्वीर पर टिकी हैं। एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ट्रंप की सबसे बड़ी दिलचस्पी अब 2028 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर है। उनका मुख्य लक्ष्य रिपब्लिकन पार्टी के अगले उत्तराधिकारी के चयन में ‘किंगमेकर’ की भूमिका निभाना और पार्टी की वैचारिक दिशा खुद तय करना है। ट्रंप एक ऐसे अडिग नेता के रूप में उभर रहे हैं, जो अपनी राजनीतिक विरासत को आसानी से किसी और के हाथों में सौंपने के मूड में नहीं हैं।
जांच का डर नहीं, संघर्ष को बनाएंगे सियासी हथियार
राष्ट्रपति ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी को प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों में जीतते हुए देखना चाहते हैं। हालांकि, अगर भविष्य में डेमोक्रेट्स कांग्रेस पर नियंत्रण पा लेते हैं और ट्रंप के परिवार, संपत्ति या उनकी नीतियों की फाइलें खोलते हैं, तब भी ट्रंप इससे विचलित होने वाले नहीं हैं। माना जा रहा है कि वह ऐसी किसी भी जांच या कानूनी घेरेबंदी को अपनी राजनीतिक रणनीति के तहत एक बड़े अवसर में बदलने की कला जानते हैं।
अगर मिडटर्म के बाद डेमोक्रेट्स मजबूत होते हैं, तो व्हाइट हाउस और कांग्रेस के बीच टकराव का एक नया दौर शुरू हो सकता है। दस्तावेजों की मांग और जांच को लेकर छिड़ने वाला यह संवैधानिक संघर्ष ट्रंप के कार्यकाल के अंतिम वर्षों में अमेरिकी राजनीति का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु बन सकता है।
2028 की बिसात: खुद तय करेंगे पार्टी का चेहरा
ट्रंप की रणनीति का सबसे अहम हिस्सा 2028 का चुनाव है। उनके करीबियों का कहना है कि ट्रंप चाहते हैं कि रिपब्लिकन पार्टी का अगला उम्मीदवार उनकी पसंद का हो, ताकि उनकी नीतियों का प्रभाव बना रहे। वह पार्टी की कमान अपने पास रखते हुए यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि भविष्य का नेतृत्व उनके बताए रास्ते पर ही चले।
सदन और सीनेट में बढ़ेगा दबदबा
यदि रिपब्लिकन पार्टी सीनेट में अपना बहुमत बरकरार रखती है, तो पार्टी के भीतर ट्रंप समर्थक धड़े की ताकत में जबरदस्त इजाफा होगा। साथ ही, प्रतिनिधि सभा में भी उनके वफादार सांसदों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। इससे न केवल पार्टी पर उनकी पकड़ फौलादी होगी, बल्कि उनके खिलाफ उठने वाली आंतरिक विरोध की आवाजें भी शांत हो जाएंगी।
वेंस और रुबियो: ट्रंप की ‘पावर जोड़ी’ पर नजर
भविष्य के समीकरणों को साधने के लिए ट्रंप ने अभी से प्यादे सजाने शुरू कर दिए हैं। वह उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो की जोड़ी को भविष्य के नेतृत्व के तौर पर प्रमोट करना चाहते हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि रिपब्लिकन पार्टी के किसी भी दावेदार के लिए ट्रंप का आशीर्वाद लेना अब अनिवार्य होगा। वर्तमान स्थितियों को देखते हुए, पार्टी का कोई भी बड़ा नेता फिलहाल ट्रंप को खुली चुनौती देने का साहस नहीं जुटा पा रहा है।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
