यहाँ आपके लिए इस लेख का एक नया और आकर्षक स्वरूप प्रस्तुत है:
कला पर ‘कैंची’ या सच से डर? दिल्ली में रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी पर महासंग्राम: हटाई गईं 74 तस्वीरें!
नई दिल्ली: राजनीति के गलियारों से निकलकर कला की दुनिया में अपनी पहचान बना रहे कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा इस समय एक बड़े विवाद के केंद्र में हैं। दिल्ली के प्रतिष्ठित बीकानेर हाउस में आयोजित उनकी फोटो प्रदर्शनी ‘No Idea Is Final’ चर्चाओं के बजाय विवादों की वजह से सुर्खियों में आ गई है। रेहान का गंभीर आरोप है कि प्रशासन ने उनकी प्रदर्शनी शुरू होने से ठीक पहले तानाशाही रवैया अपनाया।
आखिरी 4 घंटों का वो ‘हड़कंप’
रेहान वाड्रा के मुताबिक, सब कुछ तय था, लेआउट एक हफ्ते पहले ही भेजा जा चुका था, लेकिन प्रदर्शनी शुरू होने से महज 4 घंटे पहले बीकानेर हाउस प्रशासन ने अपना रुख बदल लिया। आरोप है कि प्रशासन ने छात्र आंदोलनों और युवाओं के विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी 74 तस्वीरों को जबरन हटवा दिया। जब रेहान ने इसका लिखित कारण मांगा, तो प्रशासन की ओर से सन्नाटा पसर गया।
“तिरंगा नहीं हटाऊंगा”: अपनी जिद पर अड़े रेहान
इस पूरे विवाद में सबसे भावनात्मक मोड़ तब आया जब प्रशासन ने राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगे) वाली दो तस्वीरों पर भी आपत्ति जताई। रेहान को निर्देश दिया गया कि वे इन तस्वीरों को प्रदर्शनी से बाहर करें। हालांकि, रेहान ने स्पष्ट शब्दों में इनकार कर दिया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए लिखा— “मैं भारतीय झंडे की तस्वीर नहीं हटाऊंगा।” खबरों की मानें तो हटाई गई एक तिरंगे की तस्वीर को उन्होंने दोबारा दीवार पर लगा दिया।
प्रियंका गांधी का हुंकार: “सच्चाई के साथ खड़े रहो बेटा”
बेटे के इस संघर्ष में माँ प्रियंका गांधी मजबूती से उनके पीछे खड़ी नजर आईं। उन्होंने सोशल मीडिया (X) पर सत्ता को आड़े हाथों लेते हुए एक भावुक और कड़ा संदेश लिखा। प्रियंका ने कहा, “जब सत्ता में बैठा व्यक्ति किसी की अभिव्यक्ति से डरने लगता है, तो वह अपनी ताकत पहले ही खो चुका होता है।” उन्होंने रेहान का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है और उसे हमेशा सच के साथ खड़ा रहना चाहिए।
आखिर प्रशासन को किन तस्वीरों से थी ‘तकलीफ’?
रेहान की इस प्रदर्शनी में वाइल्डलाइफ और एब्स्ट्रैक्ट आर्ट के साथ-साथ दिल्ली की सड़कों पर होने वाले आंदोलनों की झलक थी।
- विवाद की वजह: प्रशासन ने इन तस्वीरों को ‘राजनीतिक’ करार दिया।
- कांग्रेस का रुख: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सवाल उठाया कि आखिर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरों में अपमानजनक या भड़काऊ क्या था?
- रेहान का तर्क: उनका कहना है कि वे कैमरे के जरिए देश की धड़कन और लोगों की आवाज को रिकॉर्ड कर रहे थे।
क्या थम जाएगा ‘आर्ट’ का ये सफर?
बीकानेर हाउस प्रशासन की ओर से अब तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन रेहान वाड्रा झुकने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि भले ही अभी कम तस्वीरों के साथ कार्यक्रम चल रहा है, लेकिन वह जल्द ही एक नई जगह तलाशेंगे जहाँ देश के आंदोलनों से जुड़ी इन सभी ‘प्रतिबंधित’ तस्वीरों को पूरी आजादी के साथ दिखाया जा सके।
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Note: यह लेख मूल सामग्री की सत्यता और लंबाई को बनाए रखते हुए एक नए रचनात्मक कलेवर में प्रस्तुत किया गया है।
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