RSS की तीन दिवसीय बैठक में उठे देश से जुड़े अहम मुद्दे, युवाओं से लेकर नशे तक हुई चर्चा

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PEEYUSH UPADHYAY
पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव...
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विशाखापत्तनम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तीन दिवसीय बैठक में देश के सामने उभरती कई चुनौतियों पर मंथन हुआ। बदलती आबादी, युवाओं का भविष्य, नशे का बढ़ता दायरा, प्राकृतिक आपदाओं में राहत और आत्मनिर्भर विकास जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे।

डेमोग्राफिक बदलाव पर RSS का मंथन

आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में RSS की तीन दिवसीय बैठक में देश और समाज से जुड़े कई अहम विषयों पर चर्चा हुई। RSS के सह सरकार्यवाह CR मुकुंद ने बताया कि दुनिया तेजी से जनसांख्यिकीय बदलाव से गुजर रही है और इसका असर आने वाले वर्षों में भारत पर भी पड़ सकता है।

उनके मुताबिक, भारत के पास फिलहाल दुनिया की बड़ी युवा आबादी है, लेकिन अगले तीन-चार दशकों में यहां बुजुर्ग आबादी बढ़ने की स्थिति बन सकती है। इसलिए अभी से इसकी तैयारी जरूरी है।

युवाओं की चिंता और व्यवस्था में सुधार

बैठक में युवाओं की समस्याओं पर भी विशेष चर्चा हुई। CR मुकुंद ने कहा कि युवा कई व्यवस्थागत कमियों को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने NEET जैसे मामलों का उदाहरण देते हुए कहा कि सुधार की जरूरत केवल किसी एक परीक्षा या सरकार तक सीमित नहीं है।

जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि RSS ने इन्हें केवल भ्रष्टाचार के नजरिए से नहीं देखा, बल्कि व्यवस्था की कमियों पर भी विचार किया।

असम की बाढ़ और राहत कार्य

बैठक में असम की बाढ़ से पैदा हुई स्थिति पर भी चर्चा हुई। मुकुंद ने इसे गंभीर संकट बताते हुए कहा कि RSS से जुड़े विभिन्न संगठनों और स्वयंसेवकों ने राहत एवं पुनर्वास कार्यों में योगदान दिया।

राष्ट्रीय सेवा भारती, भारतीय किसान संघ, नेशनल मेडिकोज ऑर्गनाइजेशन और आरोग्य भारती जैसे संगठनों के कार्यकर्ताओं ने प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने का प्रयास किया।

विकास ऐसा हो जो प्रकृति का भी ध्यान रखे

RSS ने भारत के विकास मॉडल को लेकर भी अपना दृष्टिकोण रखा। मुकुंद के अनुसार विकास आत्मनिर्भर होने के साथ पर्यावरण के अनुकूल होना चाहिए।

उनका कहना था कि विकास का फायदा समाज के सभी वर्गों तक पहुंचे और आर्थिक प्रगति के साथ प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो।

गांवों तक पहुंचता नशा बड़ी चिंता

बैठक में देश में बढ़ती नशे की समस्या को भी गंभीर मुद्दा बताया गया। मुकुंद ने कहा कि नशे का प्रभाव अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं है। छोटे शहरों और गांवों में भी इसका असर दिखाई दे रहा है।

स्कूल जाने वाले बच्चों तक नशे की पहुंच की चिंता जताते हुए उन्होंने समाज, परिवार और संगठनों की सामूहिक भूमिका पर जोर दिया।

40 से ज्यादा संगठनों के काम की समीक्षा

RSS की वार्षिक बैठक में संगठन से जुड़े 40 से अधिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने काम और आगामी योजनाओं पर चर्चा की। मुकुंद के अनुसार युवाओं के बीच भी संगठन की गतिविधियां बढ़ रही हैं और करीब 21 हजार युवा स्वयंसेवक ट्रेनिंग सेंटर में शामिल हुए हैं।

विशाखापत्तनम की यह बैठक बताती है कि RSS आने वाले वर्षों में जनसांख्यिकी, युवा और सामाजिक चुनौतियों को अपने एजेंडे में महत्वपूर्ण स्थान दे रहा है। अब इन चर्चाओं को जमीनी स्तर पर किस तरह के कार्यक्रमों में बदला जाता है, यही इसकी वास्तविक परीक्षा होगी।


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पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव पत्रकारिता में 7+ वर्षों का है और वे निष्पक्ष, भरोसेमंद और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कई पुरस्कार और मान्यता प्राप्त की है, जिनमें 2022 में “Best Investigative Journalist” और 2021 में “Top 10 Editors in Uttarakhand” शामिल हैं।
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