मौसम में बदलाव के बीच दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई हिस्सों में इन्फ्लूएंजा के मामले बढ़ रहे हैं। दिल्ली में इस साल स्वाइन फ्लू के 3,218 मामले सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और लक्षण दिखने पर समय रहते डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी है।
दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले
दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई हिस्सों में स्वाइन फ्लू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। राजधानी दिल्ली में सोमवार को 164 नए मामले सामने आए। इसके साथ ही इस साल अब तक कुल मामलों की संख्या 3,218 तक पहुंच गई है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 31 अगस्त तक सामने आए मामले पिछले कुछ वर्षों की तुलना में काफी अधिक हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मौसम में बदलाव के दौरान फ्लू वायरस के फैलने की संभावना बढ़ जाती है।
सात साल में सबसे ज्यादा मामले
दिल्ली में स्वाइन फ्लू के मामलों ने पिछले कई वर्षों का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है। साल 2024 में राजधानी में 3,151 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि इस साल 31 अगस्त तक ही यह आंकड़ा 3,200 के पार पहुंच गया।
इस साल मार्च में ही 315 मामले दर्ज किए गए थे। आंकड़ों से पता चलता है कि दिल्ली में मौसमी फ्लू का दबाव लगातार बना हुआ है।
NCDC के आंकड़ों में क्या सामने आया?
नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) के आंकड़ों के मुताबिक, 2019 में देश में स्वाइन फ्लू के 3,627 मामले सामने आए थे और 31 मरीजों की मौत हुई थी।
इसके बाद मामलों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया। 2020 में 412, 2021 में 92, 2022 में 442 और 2025 में 229 मामले दर्ज किए गए थे। वहीं, 2024 में 3,151 मामले सामने आए थे।
ICMR ने कहा- घबराने की जरूरत नहीं
इन्फ्लूएंजा के बढ़ते मामलों के बीच ICMR के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने कहा था कि देश में वायरस की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और घबराने की जरूरत नहीं है।
उनके मुताबिक, भारत में इस समय फैल रहे इन्फ्लूएंजा वायरस हाल के वर्षों में देखे गए मौसमी पैटर्न के अनुरूप हैं। H1N1 में भी अपेक्षित मौसमी बदलाव देखने को मिले हैं और कोई असामान्य जेनेटिक बदलाव सामने नहीं आया है।
स्वास्थ्य विभाग ने दी सावधानी बरतने की सलाह
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। फ्लू के लक्षण नजर आने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेने की सलाह दी गई है।
खासकर गंभीर या लगातार बने रहने वाले लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए क्या करें?
फ्लू से बचने के लिए रोजमर्रा की कुछ सावधानियां काफी मददगार हो सकती हैं:
- खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकें।
- साबुन और पानी से नियमित रूप से हाथ धोएं या हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।
- बीमार होने पर घर पर रहें और दूसरों के नजदीकी संपर्क से बचें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और शरीर को आराम दें।
- संतुलित और पौष्टिक भोजन लें।
- लक्षण गंभीर हों, लंबे समय तक बने रहें या तेजी से बिगड़ें तो डॉक्टर से संपर्क करें।
- जांच और उपचार को लेकर डॉक्टर की सलाह का पालन करें।
दिल्ली में स्वाइन फ्लू के बढ़ते आंकड़े सतर्क रहने का संकेत जरूर हैं, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है। मौसम में बदलाव के दौरान सावधानी, स्वच्छता और समय पर चिकित्सकीय सलाह संक्रमण के जोखिम को कम करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
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