अमेरिका में शरणार्थियों का प्रवेश हुआ सीमित: ट्रंप के ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ एजेंडे का एक नया अध्याय
वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ की नीति पर अडिग रहते हुए, आव्रजन (इमिग्रेशन) पर अपने कड़े रुख को और भी मजबूत कर रहे हैं। इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) के अधिकारी अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखे हुए हैं। इसी कड़ी में, ट्रंप प्रशासन ने घोषणा की है कि वह अमेरिका में हर साल प्रवेश करने वाले शरणार्थियों की संख्या को घटाकर केवल 7,500 कर देगा। यह आंकड़ा पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल की 1,25,000 की सीमा से काफी कम है।
अफ्रीकानर किसानों पर विशेष ध्यान
इस नई नीति के तहत, अमेरिका में आने वाले शरणार्थियों में से अधिकांश श्वेत दक्षिण अफ्रीकी, विशेष रूप से अफ्रीकानर किसान होंगे। ट्रंप प्रशासन का दावा है कि ये लोग दक्षिण अफ्रीका में उत्पीड़न और नस्लीय भेदभाव का सामना कर रहे हैं। हालांकि, दक्षिण अफ्रीका की सरकार इन दावों का बार-बार खंडन कर चुकी है।
कार्यकारी आदेश और राष्ट्रीय सुरक्षा
जनवरी 2025 में, ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करके अमेरिकी शरणार्थी प्रवेश कार्यक्रम (USRAP) को निलंबित कर दिया था। उनका तर्क था कि अमेरिका के पास “अधिक संख्या में प्रवासियों, विशेष रूप से शरणार्थियों को इस तरह समायोजित करने की क्षमता नहीं है, जिससे अमेरिकी नागरिकों के संसाधनों की उपलब्धता प्रभावित न हो”। यह निर्णय उनकी “सुरक्षा और संरक्षा” की रक्षा के लिए लिया गया बताया गया।
अफ्रीकानर समुदाय: एक परिचय
अफ्रीकानर दक्षिण अफ्रीका की लगभग 6.2 करोड़ की आबादी में करीब 27 लाख हैं। वे 17वीं सदी में आए डच और फ्रांसीसी उपनिवेशवादियों के वंशज हैं। उनकी भाषा, अफ्रीकान्स, डच भाषा से विकसित हुई है और यह दक्षिण अफ्रीका की 11 आधिकारिक भाषाओं में से एक है।
विवाद और राजनीतिक दांव-पेंच
ट्रंप का यह कदम तब आया है जब दक्षिण अफ्रीका में आरक्षण (affirmative action) और भूमि पुनर्वितरण (land redistribution) जैसी नीतियों को लेकर कुछ दक्षिणपंथी समूह श्वेतों के खिलाफ भेदभाव का आरोप लगाते रहे हैं। ट्रंप प्रशासन ने इन्हीं शिकायतों और किसानों पर होने वाली छिटपुट हिंसा की घटनाओं को उत्पीड़न के सबूत के रूप में प्रस्तुत किया है। इस नैरेटिव को अमेरिकी टिप्पणीकारों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स द्वारा भी बढ़ावा मिला है।
कानूनी अधिकार और राष्ट्रीय हित
1980 के शरणार्थी अधिनियम के तहत, अमेरिकी राष्ट्रपति को हर साल शरणार्थियों की सीमा तय करने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए कांग्रेस और पुनर्वास एजेंसियों से परामर्श आवश्यक होता है। फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित एक बयान के अनुसार, शरणार्थी प्रवेश की संख्या को घटाकर 7,500 करने का यह कदम अगले वित्तीय वर्ष के लिए लागू रहेगा। हालांकि इस कटौती का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया, लेकिन नोटिस में कहा गया है कि यह कदम मानवीय चिंताओं के कारण या फिर राष्ट्रीय हित में उचित है।
अन्य देशों से भी जुड़ी हैं चिंताएं
यह कटौती केवल दक्षिण अफ्रीका तक सीमित नहीं है। ट्रंप प्रशासन के नोटिस में यह भी कहा गया है कि 7,500 शरणार्थियों की यह संख्या मुख्य रूप से अफ्रीकानर दक्षिण अफ्रीकियों और अपने-अपने देशों में अवैध या अनुचित भेदभाव के शिकार अन्य लोगों के लिए आरक्षित होगी।
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