डर का साया या ट्रेलर का इशारा? पाकिस्तान के गले में क्यों सूख रही है प्यास!
“डर सबको लगता है, गला सबका सूखता है,” माउंटेन ड्यू की यह पंच लाइन इन दिनों भारत के पड़ोसी मुल्क पर बिल्कुल सटीक बैठती है। लेकिन उनका गला सिर्फ प्यास से नहीं, बल्कि उस अनकहे डर से भी सूख रहा है जो वे स्वीकार नहीं कर पा रहे। भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम की गाथाएं जगजाहिर हैं, लेकिन वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान की सेना, जिसने इतिहास में एक भी युद्ध न जीत पाने का अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम किया है, इन दिनों एक खास बयान से बेचैन है।
हाल ही में भारतीय सेना प्रमुख की ओर से कहे गए कुछ शब्दों ने पाकिस्तान की रातों की नींद और दिन का चैन छीन लिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि भारत एक बार फिर “घर में घुसकर मार सकता है,” ठीक वैसे ही जैसे पहलगाम में हुए आतंकी कृत्यों के बाद भारत ने कर दिखाया था। उस समय पाकिस्तान को न केवल जबरदस्त हार का सामना करना पड़ा था, बल्कि हथियार डालकर सीजफायर की गुहार भी लगानी पड़ी थी।
अब जनरल द्विवेदी ने “ऑपरेशन सिंदूर” को भारतीय क्षमता की एक झलक बताते हुए कहा, “ऑपरेशन सिंदूर 88 घंटे में खत्म हुआ… यह तो बस एक ट्रेलर था। अगर पाकिस्तान मौका देगा, तो हम उसे सिखाएंगे कि पड़ोसी देश से कैसे जिम्मेदारी से व्यवहार किया जाता है। हम हर परिस्थिति के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”
बस इतना कहना था कि पाकिस्तान में हड़कंप मच गया। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दावा किया है कि भारत पाकिस्तान पर हमला कर सकता है। आसिफ ने माना कि वे भारतीय आर्मी चीफ के बयान को खारिज नहीं कर सकते और भारत सीमा पार स्ट्राइक कर सकता है। उन्होंने दोहराया कि जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सोमवार को कहा था कि “ऑपरेशन सिंदूर” सिर्फ एक ट्रेलर था जो 88 घंटे में खत्म हुआ, और अगर पाकिस्तान ने कोई मौका दिया तो भारत उसे सबक सिखाएगा कि एक जिम्मेदार राष्ट्र को अपने पड़ोसियों के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए।
ख्वाजा आसिफ ने एक टीवी कार्यक्रम में यह भी दावा किया कि अफगानिस्तान पाकिस्तान में घुसपैठ करता है और भारत इसमें भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, ईरान, चीन और अन्य देश भी पाकिस्तान में सीमा पार से घुसपैठ रोकना चाहते हैं। मंत्री का आरोप है कि भारत नहीं चाहता कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान अपने मुद्दों को सुलझाएं, और पाकिस्तान किसी भी रूप में भारत पर भरोसा नहीं कर सकता, क्योंकि भारत सीमा पार से हमले का प्रयास भी कर सकता है।
दरअसल, आर्मी चीफ द्विवेदी ने अपने बयान में भारत का रुख स्पष्ट करते हुए कहा था, “खून और पानी साथ-साथ नहीं बह सकते। बातचीत और आतंक साथ-साथ नहीं चल सकते। जो लोग आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं, हम उन्हें जवाब देंगे। भले ही हमारे पास कोई ‘बेजान पत्र’ हो, हम जानते हैं कि वह कहां से आया है।”
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