अफगानिस्तान का कड़ा संदेश: “हम 20 साल तक लड़ने को तैयार, अगर आप नहीं गए तो हवाई अड्डे तो चाहिए ही होंगे!”
काबुल: अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री मोहम्मद याकूब मुजाहिद ने एक कड़े संदेश में कहा है कि यदि विदेशी सैनिक देश छोड़ कर नहीं जाते हैं और हवाई अड्डों पर कब्जा बनाए रखने की कोशिश करते हैं, तो तालिबान अगले 20 वर्षों तक भी लड़ने के लिए तैयार है। यह बयान अफगानिस्तान के बदलते समीकरणों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के प्रति तालिबान के दृढ़ रुख को दर्शाता है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, अफगान विदेश मंत्रालय के राजनीतिक निदेशक जाकिर जलाली ने अमेरिका की देश से वापसी की किसी भी धारणा को सिरे से खारिज कर दिया है। जलाली ने इस बात पर जोर दिया कि अफगानों ने “अपने क्षेत्र में विदेशी सैनिकों को कभी स्वीकार नहीं किया है।” यह बयान अफगानिस्तान के संप्रभुता और स्वायत्तता के प्रति तालिबान के अडिग संकल्प को रेखांकित करता है।
यह सीधा और स्पष्ट संदेश उन देशों के लिए है जो अफगानिस्तान में अपनी सैन्य उपस्थिति बनाए रखने या देश के रणनीतिक ठिकानों पर नियंत्रण रखने की मंशा रखते हैं। रक्षा मंत्री का यह बयान, जहां एक ओर विदेशी हस्तक्षेप के प्रति गहरी अस्वीकृति दिखाता है, वहीं दूसरी ओर अफगानिस्तान की अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की क्षमता और इच्छाशक्ति पर भी बल देता है।
अफगान विदेश मंत्रालय के अधिकारी का वक्तव्य इस भावना को और मजबूत करता है कि विदेशी सैनिकों की उपस्थिति अफगानिस्तान के राष्ट्रीय हित में नहीं है और देश अपने निर्णय स्वयं लेने में सक्षम है। यह अफगानिस्तान के अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है, जहां देश अपनी शर्तों पर दुनिया से जुड़ने का प्रयास कर रहा है।
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