जब गूँज उठी “जय जुबीन दा!” – एक कलाकार को खोने का गम, गुवाहाटी हुआ भावुक
नई दिल्ली: 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में संगीत की दुनिया का एक ऐसा सितारा बुझ गया, जिसने अपनी सुरीली आवाज़ से लाखों दिलों पर राज किया। मशहूर सिंगर जुबीन गर्ग, जो वहां एक फेस्टिवल में शिरकत करने गए थे, स्कूबा डाइविंग के दौरान एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना का शिकार हो गए। यह दुखद खबर उनके चाहने वालों के लिए किसी सदमे से कम नहीं थी।
दो दिन बाद, 21 सितंबर 2025 को, जब जुबीन गर्ग का पार्थिव शरीर गुवाहाटी के हवाई अड्डे पर उतरा, तो पूरा माहौल गमगीन हो गया। अपने चहेते कलाकार को आखिरी बार देखने के लिए फैंस की भीड़ उमड़ पड़ी। “जय जुबीन दा!” के नारों से पूरा हवाई अड्डा गूँज उठा, और उनकी मधुर गीतों की धुनें हवा में तैरती रहीं। इस मार्मिक क्षण में, उनकी पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग का दुख असहनीय था। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में, वे अपने पति के अंतिम दर्शन के दौरान बेतहाशा रोती नज़र आईं, उनका दर्द शब्दों में बयां करना मुश्किल था। उनके साथ-साथ फिल्म निर्माता गरिमा सैकिया और कई सरकारी अधिकारी भी हवाई अड्डे पर मौजूद थे, जो इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़े थे।
हवाई अड्डे से जुबीन गर्ग की पार्थिव देह को एक विशेष काफिले में उनके निवास स्थान ले जाया गया। इस काफिले में उनकी पसंदीदा कार को भी शामिल किया गया था, जो अक्सर उनके कार्यक्रमों में उनकी पहचान बनती थी। भारी सुरक्षा के बीच, उन्हें उनके घर ले जाया गया, जहाँ परिवार के सदस्य उन्हें अंतिम विदाई दे सके। इसके बाद, उनके पार्थिव शरीर को सरुसाजाई के अर्जुन भोगेश्वर बरुआ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में रखा जाएगा, ताकि उनके प्रशंसक शाम 7 बजे तक अंतिम दर्शन कर सकें। हालांकि, अंतिम संस्कार की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
यह क्षति न केवल असम के लिए, बल्कि पूरे संगीत जगत के लिए एक बड़ा नुकसान है। अपने तीन दशक लंबे करियर में, जुबीन गर्ग ने कई भाषाओं और बोलियों में लगभग 38,000 से अधिक गाने गाए। उनकी गायकी में जो जादू था, वह आज भी अनगिनत लोगों के दिलों में जीवित है। वे सिर्फ एक गायक ही नहीं थे, बल्कि एक ऐसे इंसान थे जिन्होंने अपनी कलागुरु आर्टिस्ट फाउंडेशन के माध्यम से जरूरतमंदों की मदद की और फुटबॉल चैरिटी मैचों में भी सक्रिय रूप से भाग लिया। कोविड महामारी के मुश्किल समय में, उन्होंने अपने गुवाहाटी स्थित घर को एक कोविड केयर सेंटर में बदलकर अपनी असीम उदारता का परिचय दिया था।
जुबीन गर्ग हमेशा अपने प्रशंसकों के दिलों में ज़िंदा रहेंगे, उनकी आवाज़ और उनके नेक काम आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करते रहेंगे।
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