बसंत के रंग: 20 साल बाद पाकिस्तान के पंजाब में पतंगों की उड़ान का जश्न!
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 20 साल के लंबे इंतजार के बाद, बसंत उत्सव के दौरान पतंग उड़ाने पर से प्रतिबंध हटा दिया गया है। यह फैसला कलाकारों और नागरिक समाज के अथक प्रयासों का परिणाम है, और इसने एक करोड़ तीस लाख की आबादी वाले इस खूबसूरत प्रांत में खुशी की लहर दौड़ा दी है। मरियम नवाज के नेतृत्व वाले प्रशासन का यह कदम, प्रांत के शहरों और गांवों में उत्सव का माहौल लेकर आया है।
बसंत: सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि एक परंपरा
सदियों से, सर्दियों के अंत और वसंत के आगमन का जश्न मनाने वाला बसंत उत्सव, पंजाब के लोगों के लिए सामुदायिक जुड़ाव और उल्लास का प्रतीक रहा है। पतंग उड़ाना, इस उत्सव का एक अविभाज्य अंग था, जो करीब दो दशक पहले इस पर लगे प्रतिबंध के कारण थाम दिया गया था।
नई शुरुआत, कड़ी सुरक्षा के साथ
पंजाब की सूचना एवं संस्कृति मंत्री, आजमा बुखारी ने इस ऐतिहासिक निर्णय की घोषणा की, जो बुधवार को लिया गया था। उन्होंने बताया कि हालांकि प्रतिबंध हटा दिया गया है, लेकिन नए नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए सख्त दंड और जुर्माने का प्रावधान होगा।
बुखारी ने एक बयान में कहा, “बीस साल बाद पंजाब में बसंत की खुशियां लौट आई हैं, लेकिन इस बार यह कड़े सुरक्षा नियमों के तहत हो रहा है। त्योहार के दौरान किसी को भी कानून तोड़ने की इजाजत नहीं होगी।”
सुरक्षा सर्वोपरि: 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए नियम
2005 में, पतंग उड़ाने पर प्रतिबंध दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों के कारण लगाया गया था। इस बार, सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, बुखारी ने स्पष्ट किया कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को पतंग उड़ाने की अनुमति नहीं होगी। यह सुनिश्चित करेगा कि उत्सव सुरक्षित और आनंददायक बना रहे।
यह प्रतिबंध हटाना न केवल एक सांस्कृतिक पुनरुद्धार है, बल्कि यह पंजाब के लोगों को अपनी परंपराओं से फिर से जुड़ने का एक सुनहरा अवसर भी प्रदान करता है।
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