भारत-आर्मेनिया रक्षा संबंधों में नया अध्याय: CDS जनरल अनिल चौहान के दौरे से रणनीतिक दोस्ती को मिली नई धार
भारत और आर्मेनिया के बीच बढ़ती सैन्य नजदीकियों के बीच रक्षा प्रमुख (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान एक उच्च स्तरीय भारतीय रक्षा प्रतिनिधिमंडल के साथ चार दिवसीय आधिकारिक दौरे पर येरेवन पहुंचे हैं। इस दौरे का मुख्य लक्ष्य दोनों देशों के द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना और दीर्घकालिक सुरक्षा सहयोग को एक ठोस धरातल प्रदान करना है। एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय के अनुसार, जनरल चौहान का यह दौरा रणनीतिक हितों को साझा करने और क्षेत्र में सुरक्षा संतुलन को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
येरेवन पहुंचने पर भारतीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत आर्मेनिया में भारत की राजदूत नीलाक्षी साहा सिन्हा और आर्मेनियाई सशस्त्र बलों के उप प्रमुख तैमूर शाहनाजर्यान ने बेहद गर्मजोशी के साथ किया। यह यात्रा केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं है, बल्कि उन रक्षा समझौतों की निरंतरता है जो पिछले कुछ समय से दोनों देशों के बीच तेजी से परवान चढ़ रहे हैं। इसी कड़ी में, 23 अक्टूबर, 2025 को हैदराबाद में आयोजित रक्षा सहयोग पर ‘संयुक्त कार्य समूह’ की बैठक में दोनों देशों ने रक्षा संबंधों के भविष्य की रूपरेखा तैयार की थी।
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हैदराबाद में हुई उस महत्वपूर्ण बैठक का उल्लेख करते हुए रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी दी थी कि भारत और आर्मेनिया ने रक्षा औद्योगिक सहयोग और सुरक्षा क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन मंथन किया। इस चर्चा का नेतृत्व भारतीय पक्ष से संयुक्त सचिव (स्वतंत्र प्रभारी) विश्वेश नेगी और आर्मेनियाई पक्ष से नीति एवं अंतर्राष्ट्रीय सैन्य सहयोग विभाग के प्रमुख लेवोन अयवाज़्यान ने किया था। यह बैठक दिखाती है कि दोनों देश सैन्य साजो-सामान और तकनीकी सहयोग में एक-दूसरे के कितने करीब आ रहे हैं।
सैन्य सहयोग के साथ-साथ दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्तों में भी एक नई गर्माहट देखी जा रही है। 1 अक्टूबर को आर्मेनिया के राष्ट्रीय दिवस समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व विदेश सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने किया था। उनकी उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि भारत और आर्मेनिया की मित्रता केवल रक्षा क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक गहरी और स्थायी कूटनीतिक साझेदारी है।
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विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में स्पष्ट किया कि भारत और आर्मेनिया के रिश्ते सदियों पुराने और ऐतिहासिक हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ‘X’ पर पोस्ट साझा करते हुए बताया कि विदेश सचिव सिबी जॉर्ज ने आर्मेनिया के राष्ट्रीय दिवस पर भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया है। हाल के दिनों में दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच बढ़ती मुलाकातें और संवाद इस बात का संकेत हैं कि आने वाले समय में भारत और आर्मेनिया की यह ‘सदाबहार दोस्ती’ वैश्विक पटल पर एक नई मिसाल पेश करेगी।
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