एमवी होंडियस का ‘खूनी’ सफर: हंतावायरस के खौफ ने दुनिया को दहलाया, सेंट हेलेना से नीदरलैंड तक मचा हड़कंप
समुद्र की लहरों पर दौड़ते एमवी होंडियस (MV Hondius) क्रूज जहाज से उपजा हंतावायरस का प्रकोप अब एक अंतरराष्ट्रीय संकट का रूप ले चुका है। वैश्विक स्वास्थ्य अधिकारी उन कड़ियों को जोड़ने की जद्दोजहद में जुटे हैं, जो इस घातक संक्रमण के संपर्क में आए यात्रियों का सुराग दे सकें। ताजा घटनाक्रम दक्षिण अटलांटिक महासागर के सुदूर द्वीप सेंट हेलेना पर केंद्रित है, जहां जहाज के रुकने के दौरान लगभग 40 यात्रियों का एक समूह वहां उतर गया था। बताया जा रहा है कि इस समूह में उस डच नागरिक की पत्नी भी शामिल थी, जिसकी बाद में इस प्रकोप के कारण मृत्यु हो गई। डच अधिकारियों ने पुष्टि की है कि जहाज से उतरे एक डच महिला और एक स्विस पुरुष का वर्तमान में दक्षिण अफ्रीका में उपचार चल रहा है।
डच विदेश मंत्री टॉम बेरेंडसेन ने बुधवार देर शाम संसद को भेजे एक पत्र में इस गंभीर स्थिति का ब्यौरा साझा किया। अधिकारियों के अनुसार, जब जहाज पर संक्रमण चुपचाप अपने पैर पसार रहा था, तभी ये यात्री वहां से रवाना हुए थे। अब विभिन्न देशों की स्वास्थ्य एजेंसियां उन यात्रियों का पता लगाने के लिए रेस लगा रही हैं, जो किसी भी व्यापक चेतावनी के जारी होने से पहले ही संक्रमित हो चुके होंगे। एमवी होंडियस से जुड़े इस संक्रमण ने अब तक कई जिंदगियां लील ली हैं। जांचकर्ताओं की सबसे बड़ी चिंता ‘एंडीज हंतावायरस’ स्ट्रेन को लेकर है, जो न केवल दुर्लभ है, बल्कि सीमित स्तर पर ही सही, इंसान से इंसान में फैलने की घातक क्षमता रखता है।
खतरे की यह घंटी केवल समुद्र तक सीमित नहीं रही, बल्कि आसमान तक पहुंच गई है। डच एयरलाइन केएलएम (KLM) ने पुष्टि की है कि एक यात्री, जिसकी बाद में हंतावायरस से मौत हो गई, 25 अप्रैल को जोहान्सबर्ग से एम्स्टर्डम जाने वाली उड़ान KL592 में कुछ समय के लिए सवार हुआ था। हालांकि, विमान के टेक-ऑफ से पहले ही यात्री की बिगड़ती हालत को देखकर क्रू ने उसे विमान से उतारने का साहसिक फैसला लिया। एयरलाइन के अनुसार, उस यात्री को उतारने के बाद उड़ान सामान्य रूप से नीदरलैंड के लिए रवाना हुई, लेकिन अब डच स्वास्थ्य अधिकारी एहतियात के तौर पर उस विमान में सवार सभी यात्रियों से संपर्क साध रहे हैं।
एमवी होंडियस से जुड़े इस प्रकोप ने अब तक कई मौतों और दर्जनों संदिग्ध मामलों के साथ दहशत पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का पूरा ध्यान अब अर्जेंटीना की ओर भी मुड़ गया है, जहां से इस अंटार्कटिका क्रूज ने अपनी यात्रा शुरू की थी। वहां के स्वास्थ्य अधिकारी और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ इस बात की गहराई से पड़ताल कर रहे हैं कि क्या इस जानलेवा प्रकोप का उद्गम स्थल अर्जेंटीना है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के रिकॉर्ड बताते हैं कि पूरे लैटिन अमेरिका में अर्जेंटीना ही वह देश है, जहां हंतावायरस संक्रमण की दर लगातार सबसे ऊंची बनी रहती है।
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