ट्रम्प के 100% टैरिफ पर भारत का कड़ा रुख: मोदी सरकार की नई रणनीति का खुलासा

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ट्रम्प के 100% टैरिफ पर भारत का कड़ा रुख: मोदी सरकार की नई रणनीति का खुलासा
Trump के 100% टैरिफ पर आ गया भारत का बयान, जानें मोदी सरकार ने क्या की पलटवार की तैयारी?

ट्रंप के 100% टैरिफ से भारत चिंतित, अमेरिका की नई घोषणा ने बढ़ाई वैश्विक व्यापार की अनिश्चितता

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 1 अक्टूबर से ब्रांडेड और पेटेंटेड दवाओं के आयात पर 100% तक टैरिफ लगाने की अचानक घोषणा ने दुनिया भर में, खासकर भारत में, चिंता की लहर दौड़ा दी है। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर इस नए टैरिफ के बारे में एक नोटिस देखा है। मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि फार्मा और अन्य प्रभावित उत्पादों पर रिपोर्टों की समीक्षा की जा रही है और संबंधित मंत्रालय व विभाग इस मुद्दे पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं, साथ ही इसके संभावित प्रभावों का आकलन कर रहे हैं।

ट्रंप का बड़ा ऐलान: आयात पर भारी करों की बौछार

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी घोषणा में कहा है कि वे 1 अक्टूबर से आयातित वस्तुओं पर काफी बड़े कर लगाएंगे। इसके तहत, दवाइयों पर 100% तक कर लगाया जाएगा। इसके अलावा, किचन कैबिनेट और बाथरूम वैनिटी पर 50% टैरिफ, अपहोल्स्टर्ड फर्नीचर पर 30%, और भारी ट्रकों पर 25% का शुल्क लगेगा। ‘अपहोल्स्टर्ड फर्नीचर’ से तात्पर्य ऐसे फर्नीचर से है जिसमें गद्देदार कपड़ा, चमड़ा या अन्य नरम सामग्री की परत लगी होती है। ट्रंप ने यह घोषणा बृहस्पतिवार को ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट के माध्यम से की।

अनिश्चितता के बादल और महंगाई की आहट

हालांकि, ट्रंप ने इन शुल्कों को लगाने के पीछे कोई स्पष्ट कानूनी आधार नहीं बताया है। उन्होंने ‘ट्रुथ सोशल’ पर केवल इतना लिखा कि आयातित ‘किचन कैबिनेट’ और सोफों पर कर लगाना "राष्ट्रीय सुरक्षा और अन्य कारणों" से आवश्यक है। यह कदम अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए नई अनिश्चितता पैदा कर सकता है। उपभोक्ताओं को बढ़ी हुई कीमतों का सामना करना पड़ सकता है, जिसका सीधा असर नौकरियों पर भी पड़ने की आशंका है। हाल ही में, फेडरल रिज़र्व के प्रमुख जेरोम पॉवेल ने भी आगाह किया था कि ऊंची कीमतें इस साल महंगाई में बढ़ोतरी का एक प्रमुख कारण बनी हुई हैं।

दवा कंपनियों पर भी सवाल: क्या होगा अमेरिका में संयंत्र लगाने वाली कंपनियों का?

ट्रंप ने यह भी कहा कि दवाओं पर यह शुल्क उन कंपनियों पर लागू नहीं होगा जो अमेरिका में नए संयंत्र लगा रही हैं। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि पहले से स्थापित कारखानों पर यह कर कैसे लागू होगा।

जनगणना ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका ने 2024 में लगभग 233 अरब डॉलर मूल्य की दवाओं का आयात किया था, जिससे इस नए टैरिफ का वैश्विक दवा व्यापार पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की संभावना है।


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