ईरान का कड़ा संदेश: दिल्ली में आतंकी हमला, पाक को स्पष्ट जवाब
दोस्ती की असली परीक्षा तो मुश्किल वक्त में ही होती है, और दिल्ली में 10 नवंबर को हुए भीषण आतंकी हमले के बाद ईरान ने इस कहावत को सच कर दिखाया। जहाँ दुनिया के कई देश औपचारिक और विलंबित प्रतिक्रियाएँ दे रहे थे, वहीं ईरान ने महज़ 72 घंटे के भीतर दूसरी बार दिल्ली में हुए इस आतंकवादी विस्फोट की कड़ी निंदा की। यह निंदा सिर्फ भारत के लिए नहीं थी, बल्कि पाकिस्तान से लेकर अमेरिका तक, हर देश के लिए एक कूटनीतिक संकेत था।
हमले के कुछ ही घंटे बाद, भारत स्थित ईरानी दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली में हुए कार विस्फोट में भारतीय नागरिकों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकेई ने भारत सरकार और जनता, विशेषकर मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना और सहानुभूति व्यक्त की। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इस बीच, अमेरिका, चीन, जापान, श्रीलंका, मालदीव, इज़राइल, आयरलैंड और नेपाल सहित दुनिया भर के नेताओं ने राष्ट्रीय राजधानी में हुए विस्फोट में जान-माल की हानि पर शोक व्यक्त किया था।
सोमवार शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास लाल बत्ती पर धीमी गति से चल रही एक कार में हुए जोरदार विस्फोट में नौ लोगों की मौत हो गई थी और 20 अन्य लोग घायल हुए थे। मंगलवार को तीन और लोगों की मौत के साथ मृतकों की संख्या बढ़कर 12 हो गई। यह कोई साधारण घटना नहीं थी। लेकिन ठीक 72 घंटे बाद, ईरान ने जिस तरह दूसरी प्रतिक्रिया जारी की, उसने कूटनीतिक हलकों में हलचल मचा दी।
अपनी दूसरी पोस्ट में, ईरानी दूतावास ने लिखा, “हम नई दिल्ली के लाल किला क्षेत्र के पास हुए आतंकवादी कार विस्फोट की कड़ी निंदा करते हैं।” यहाँ दो बातें अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। पहला, ईरान ने इसे ‘टेररिस्ट कार एक्सप्लोजन’ यानी कि एक आतंकी हमला करार दिया। दूसरा, ईरान ने आतंकवाद के सभी स्वरूपों की कड़ी निंदा दोहराई। इसका अर्थ है कि ईरान का पहला बयान केवल एक औपचारिकता नहीं थी। दूसरी बार, उसने दुनिया को स्पष्ट संकेत दिया कि दिल्ली का धमाका एक आतंकवादी हमला था। भारत के खिलाफ हुआ यह हमला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अत्यंत गंभीर मुद्दा है, और यह वही बयान था जिसने पाकिस्तान और अमेरिका दोनों के लिए अलग-अलग संदेश भेजे।
धमाके के तुरंत बाद, पाकिस्तान के कई नेताओं और पत्रकारों ने इसे ‘सिलेंडर ब्लास्ट’ बताना शुरू कर दिया था। कुछ ने तो इसे एक मामूली घटना कहकर खारिज करने का प्रयास भी किया। लेकिन ईरान ने इस पूरी कहानी पर सीधा वार किया है। उसने इसे स्पष्ट रूप से आतंकी हमला कहा, भारत के बयानों की पुष्टि की और पाकिस्तान की बयानबाजी को सिरे से खारिज कर दिया।
इसका कूटनीतिक मतलब पाकिस्तान के लिए यह है कि भारत में होने वाले हमलों को छोटी घटना बताने की उसकी नीति अब नहीं चलेगी। पाकिस्तान का समस्या को छिपाने का प्रयास दुनिया देख रही है, और ईरान जैसे एक बड़े क्षेत्रीय देश का उसके नैरेटिव को मानने से इनकार करना, पाकिस्तान के लिए किसी जोरदार थप्पड़ से कम नहीं है।
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