“राजनीतिक बयान अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन असलियत वह समझौता है जिस पर दो देशों के राष्ट्रपतियों ने मुहर लगाई है,” यह बात आईएईए प्रमुख राफेल ग्रोसी ने फुकुशिमा दाइची परमाणु संयंत्र में एक प्रेस वार्ता के दौरान कही।
उन्होंने स्पष्ट किया कि हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत परमाणु सामग्री से संबंधित प्रत्येक गतिविधि अब आईएईए की कड़ी और सीधी निगरानी में संपन्न होगी।
निरीक्षण की अनिवार्यता पर जोर देते हुए ग्रोसी ने कहा, “निरीक्षण का समय चाहे परसों हो या अगले दस दिनों में, यह प्रक्रिया पूरी तरह से निश्चित है। सुरक्षा और पारदर्शिता के लिहाज से यह कदम उठाना हमारे लिए अपरिहार्य है।”
आईएएनएस के इनपुट के साथ
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