28 नए ‘भूत’ बॉम्बर, इजराइल से ट्रंप की हुंकार: ईरान के परमाणु ठिकानों पर अब खौफ की रात!

By
Aware Media Network
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी...
- News Desk
5 Min Read
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

ट्रंप का ईरान को चेतावनी: 28 नए बी-2 बमवर्षक, मिसाइलों से लैस, परमाणु ठिकानों पर प्रहार की यादें ताजा

मध्य-पूर्व में शांति की फुसफुसाहट के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बातों में गूंजती हैं धमाकों की गूँज। 13 अक्टूबर को, जहां गाजा शांति समझौते की राहें खुल रही थीं, वहीं ट्रंप ने इजरायल की संसद में खड़े होकर एक बार फिर दुनिया को परमाणु शक्ति का एहसास कराया। उन्होंने घोषणा की कि अमेरिका ने 28 नए बी-2 बमवर्षक विमानों का ऑर्डर दिया है, वही घातक मशीनें जिन्होंने जून 2025 में ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया था। यह बयान एक कड़ा संदेश है कि अमेरिका किसी भी क्षण अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन करने में सक्षम है।

“हमने हमला किया है”: ट्रंप का वो कबूलनामा जिसने मचाई हलचल

जून 2025 की वह तारीख अब इतिहास का हिस्सा है, लेकिन उसकी गूँज आज भी सुनाई देती है। शुरू में, ट्रंप ने ईरान और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष में अमेरिका की गैर-भागीदारी का वादा किया था। हालांकि, कुछ ही समय बाद, उन्होंने अचानक घोषणा की, “हमने ईरान पर हवाई हमला किया है।” इस ऑपरेशन में अमेरिका ने ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों – फोर्डो, नतांज और इस्फहान – को निशाना बनाया। यह इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए शुरुआती हमले के बाद अमेरिका की पहली सीधी सैन्य प्रतिक्रिया थी। ट्रंप ने खुद सोशल मीडिया पर इस “बेहद सफल सैन्य अभियान” की पुष्टि की, इसे अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाले ईरान के खिलाफ एक स्पष्ट चेतावनी करार दिया।

“बंकर-बस्टर” बमों का विध्वंस: बी-2 बमवर्षक का अचूक प्रहार

अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान में तीन बी-2 बमवर्षकों का इस्तेमाल किया गया था। प्रत्येक विमान दो “बंकर-बस्टर” बमों से लैस था, जिन्हें GBU-57 मैसिव ऑर्डनेंस पेनेट्रेटर (MOP) के नाम से जाना जाता है। ये बम इतने विशाल और शक्तिशाली हैं कि केवल बी-2 जैसे विशेष विमान ही इन्हें ले जा सकते हैं। ईरान का फोर्डो परमाणु केंद्र इस हमले का मुख्य लक्ष्य था, जो एक पहाड़ के नीचे लगभग 300 फीट की गहराई में स्थित यूरेनियम विकास केंद्र है। नतांज और इस्फहान पर हमले के लिए पनडुब्बियों से दागी गई टॉमहॉक मिसाइलों का उपयोग किया गया था।

IAEA की रिपोर्ट: “विकिरण स्तर सामान्य”

हमलों के बाद, संयुक्त राष्ट्र की अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने सोशल मीडिया पर पुष्टि की कि अमेरिकी हमलों के परिणामस्वरूप “बाहरी विकिरण स्तर में कोई वृद्धि नहीं हुई।” ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने भी अपने तीन परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमलों की पुष्टि की, लेकिन जोर देकर कहा कि “ये हमले हमारे परमाणु कार्यक्रम को बाधित नहीं कर सकते।” यह ईरान का संकेत था कि भले ही उसके ठिकानों पर बम गिराए गए हों, उसका परमाणु कार्यक्रम अभी भी जारी है।

“भूत” बमवर्षक: बी-2 की कहानी

ईरान के आसमान में जिसने खलबली मचाई, वह था बी-2 बमवर्षक। इसकी कहानी 1970 के दशक के अंत में शुरू होती है, जब अमेरिका को सोवियत संघ की उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों से खतरा महसूस हुआ। तब यह विचार किया गया कि एक ऐसे विमान की आवश्यकता है जो रडार से बचकर परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम हो। एक दशक तक गुप्त रखने के बाद, 1988 में कैलिफोर्निया में इस विमान का अनावरण किया गया।

इसके अनोखे “उड़ते पंख” डिजाइन ने दुनिया को चकित कर दिया। यह न केवल रडार से छिप सकता था, बल्कि परमाणु और पारंपरिक दोनों तरह के हमलों को अंजाम देने में सक्षम था। 1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद, कुछ आलोचकों ने इस महंगे बमवर्षक की उपयोगिता पर सवाल उठाए। हालांकि, अमेरिका ने इसे रद्द करने के बजाय, बी-2 को सटीक पारंपरिक हमलों के लिए और अधिक प्रभावी बनाया। आज भी, यह विमान दुनिया के सबसे खूंखार सैन्य हथियारों में से एक माना जाता है।


Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

TAGGED:
Share This Article
Follow:
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी संपादकीय टीम विश्वसनीय स्रोतों, आधिकारिक आंकड़ों और पत्रकारिता के नैतिक सिद्धांतों के आधार पर समाचार तैयार करती है। Aware Media Network का उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करना है, ताकि पाठक जागरूक निर्णय ले सकें और समसामयिक घटनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Exit mobile version