33 साल बाद पिघली बर्फ: इजरायल और लेबनान की ऐतिहासिक वार्ता से पश्चिम एशिया में जगी अमन की नई उम्मीद

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33 साल बाद पिघली बर्फ: इजरायल और लेबनान की ऐतिहासिक वार्ता से पश्चिम एशिया में जगी अमन की नई उम्मीद
ray of peace in west asia historic talk between israel and lebanon in washington after 33 years

पश्चिम एशिया में शांति की नई किरण: 31 साल बाद मेज पर आमने-सामने आए इज़राइल और लेबनान

धधकते पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) के बीच से कूटनीति की एक ऐसी सुखद खबर आई है, जिसने दुनिया को चौंका दिया है। दशकों की कट्टर दुश्मनी और खूनी सैन्य संघर्षों के इतिहास को पीछे छोड़ते हुए, इज़राइल और लेबनान ने वॉशिंगटन में उच्च स्तरीय सीधी बातचीत का आगाज किया है। साल 1993 के बाद यह पहला ऐतिहासिक मौका है जब दोनों देशों के प्रतिनिधि इतने महत्वपूर्ण स्तर पर एक साथ मेज पर बैठे हैं। अमेरिका की मेजबानी में करीब दो घंटे तक चली इस बैठक को एक विशेष ‘त्रिपक्षीय’ (US-इजराइल-लेबनान) स्वरूप दिया गया। कूटनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, यह बातचीत हाल ही में अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच हुए ‘नाज़ुक युद्धविराम’ के बाद क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकती है।

 

अमेरिका में लेबनान की राजदूत नादा हमादेह मोअवाद ने इस पहली बैठक को बेहद ‘रचनात्मक’ बताया है। उन्होंने संकेत दिया कि बातचीत के अगले दौर का विवरण “सही समय पर” साझा किया जाएगा। मोअवाद ने वर्तमान संघर्ष के कारण पैदा हुए गंभीर मानवीय संकट को सुलझाने की तात्कालिकता पर विशेष ज़ोर दिया।

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वार्ता के समापन पर मोअवाद ने तनाव कम करने के लिए त्वरित कार्रवाई की वकालत की। CNN के अनुसार, उन्होंने कहा, “मैंने तत्काल युद्धविराम और विस्थापित लोगों की उनके घरों में सुरक्षित वापसी की पुरजोर अपील की है। मैंने उन व्यावहारिक उपायों को अपनाने की मांग की है, जिनसे लेबनान में जारी संघर्ष के कारण उत्पन्न मानवीय पीड़ा को कम किया जा सके।” उन्होंने लेबनान की संप्रभुता और सुरक्षा की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि नवंबर 2024 में हुई शत्रुता समाप्ति की घोषणा को पूरी तरह लागू करना अनिवार्य है।

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राजदूत मोअवाद ने इस जटिल संवाद को संभव बनाने के लिए अमेरिकी प्रशासन का आभार जताया। बैठक के दौरान बेरूत की मुख्य प्राथमिकता इज़राइली सेना और हिज़्बुल्लाह के बीच युद्धविराम की मांग पर केंद्रित रही, जिसे राजदूत ने एक बार फिर प्रमुखता से उठाया।

इज़राइल का रुख: नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि

इज़राइली पक्ष का नेतृत्व कर रहे राजदूत येचिएल लाइटर ने इस संवाद को “दो घंटे की शानदार बातचीत” के रूप में परिभाषित किया। हालांकि, उन्होंने दक्षिणी लेबनान में युद्धविराम के मुद्दे पर सधी हुई चुप्पी साधे रखी। लाइटर ने इज़राइल की प्राथमिकता स्पष्ट करते हुए कहा, “जहाँ तक युद्धविराम का प्रश्न है, हमारा पूरा ध्यान केवल एक ही लक्ष्य पर केंद्रित है—इज़राइल राज्य के नागरिकों की सुरक्षा। मैंने बैठक में यह पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है।”

क्षेत्रीय समीकरण और भविष्य की राह

यह वार्ता एक ऐसे नाजुक समय में हो रही है जब पूरा क्षेत्र संकट के मुहाने पर है। महज एक हफ्ते पहले ही अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच हुए एक अस्थाई युद्धविराम ने इस बातचीत की जमीन तैयार की है। भविष्य में इस कूटनीतिक पहल का मुख्य केंद्र हिज़्बुल्लाह के निरस्त्रीकरण और लेबनान के साथ एक स्थाई शांति समझौते की संभावनाओं को तलाशना होगा।


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