एसईओ समिट में भारत का दहाड़: पाक को जयशंकर का करारा जवाब, आतंकवाद पर ज़ीरो टॉलरेंस का कड़ा संदेश
शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) समिट का मंच, जहाँ भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर आईना दिखाया। इस वैश्विक मंच का उपयोग करते हुए, भारत ने स्पष्ट कर दिया कि वह अपने हित और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। जयशंकर के तीखे बयानों ने पाकिस्तान को एक बार फिर अलग-थलग कर दिया, वहीं भारत ने दुनिया को यह संदेश दिया कि वह दुश्मन को उसके ही घर में घुसकर जवाब देने का माद्दा रखता है।
रूस में आयोजित एससीओ देशों के राष्ट्रप्रमुखों की बैठक में, भारत ने आतंकवाद के प्रति अपनी ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति को मजबूती से दोहराया। दिल्ली में हाल ही में हुए धमाकों के बाद, जयशंकर का यह बयान भारत के अटूट इरादों को दर्शाता है। उन्होंने साफ कहा कि आतंकवाद किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है और भारत अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
जयशंकर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद के सभी रूपों के प्रति कड़ा रुख अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "आतंकवाद के मामले में न लीपापोती, न कोई बहाना। इसे न तो नजरअंदाज किया जा सकता है और न ही छिपाया जा सकता है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत को अपने नागरिकों की रक्षा का पूरा अधिकार है और वह इस अधिकार का प्रयोग करेगा।
भारत की ओर से सामूहिक और बिना किसी समझौते वाली कार्रवाई की मांग दोहराते हुए, जयशंकर ने एससीओ नेताओं से आतंकवाद का मुकाबला साझा प्राथमिकता बने रहने का आग्रह किया। उन्होंने याद दिलाया कि एससीओ की स्थापना ही आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद जैसी बुराइयों से निपटने के लिए हुई थी, और ये खतरे आज और भी गंभीर हो गए हैं।
इस बीच, जयशंकर ने वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं पर भी प्रकाश डाला और सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देने की वकालत की। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक आर्थिक परिदृश्य बेहद अस्थिर है और आपूर्ति श्रृंखलाओं के जोखिमों को कम करने के लिए विविधीकरण की तत्काल आवश्यकता है।
यह स्पष्ट है कि भारत ने पाकिस्तान को एक बार फिर चेताया है कि वह अपनी करनी से बाज आए। भारत की ‘नो मर्सी पॉलिसी’ आतंकवाद के खिलाफ और मजबूत हो रही है। एससीओ समिट में इस तरह के बयानों से यह साबित होता है कि भले ही पाकिस्तान जैसे देश खुद को पीड़ित और शोषित बताते रहें, दुनिया जानती है कि पाकिस्तान ही आतंकवाद की जड़ है। पाकिस्तान की आईएसआई, सेना और सरकार द्वारा आतंकवाद को बढ़ावा देने की फंडिंग किसी से छिपी नहीं है। अब जब पाकिस्तान की ये कोशिशें भारत में नाकाम हो रही हैं, तो वह बिलबिला रहा है।
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