7 अप्रैल की वह रात और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दी हुई डेडलाइन! तनाव के उस चरम पर भारतीय दूतावास ने एक हाई-अलर्ट एडवाइजरी जारी कर सबको सतर्क कर दिया था। अगले 48 घंटों के लिए जारी इस हिदायत में साफ कहा गया—बाहर निकलने से बचें, बिजली घरों, सैन्य ठिकानों और बहुमंजिला इमारतों की ऊपरी मंजिलों से दूर रहें। घर के भीतर रहना ही सुरक्षित था और हाईवे पर किसी भी हलचल के लिए दूतावास से संपर्क करना अनिवार्य कर दिया गया था।
ईरान संकट के साये में भारत सरकार 28 फरवरी से ही लगातार अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चौकन्नी थी और समय-समय पर जरूरी निर्देश जारी कर रही थी।
आखिरकार, 40 दिनों के भारी तनाव के बाद अंतरराष्ट्रीय पटल पर एक सुखद बदलाव नजर आया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद ‘ट्रुथ सोशल’ पर दो हफ्ते के सीजफायर (युद्धविराम) का ऐलान कर दुनिया को बड़ी राहत दी। दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष पर फिलहाल विराम लगने से स्थितियां बदली हैं।
हालांकि, इस शांति समझौते से ठीक पहले ट्रंप के तेवर बेहद तल्ख थे। उन्होंने ईरान को सीधी चेतावनी दी थी कि अगर होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों का सुरक्षित रास्ता रोका गया, तो वह ईरान की पूरी सभ्यता और अहम बुनियादी ढांचों को नेस्तनाबूद कर देंगे। ट्रंप की उसी ‘विनाशकारी’ धमकी के बाद हुए इस संघर्ष विराम ने फिलहाल युद्ध के मंडराते बादलों को छांट दिया है।
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