न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक: पाकिस्तान की चालें और ट्रंप का कनेक्शन?
इस महीने के अंत में अमेरिका में संयुक्त राष्ट्र महासभा की एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ-साथ सेना प्रमुख आसिम मुनीर के भी शामिल होने की खबर है। लेकिन इस बीच एक चौंकाने वाली संभावना सामने आ रही है कि ये दोनों ही पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात कर सकते हैं। यह अटकलें तब और भी तेज हो जाती हैं जब हम आसिम मुनीर के बार-बार अमेरिका पहुंचने और डोनाल्ड ट्रंप की पाकिस्तान के साथ बढ़ती दिलचस्पी पर गौर करते हैं। ट्रंप लगातार शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर को मिलने का समय दे रहे हैं, उनके साथ लंच और डिनर का आयोजन कर रहे हैं।
सवाल, साजिश और भारत पर निशाना?
एक बार फिर, तीनों के बीच संभावित मुलाकात सवालों के घेरे में आ गई है। क्या डोनाल्ड ट्रंप फिर से कोई नई साजिश रच रहे हैं? क्या यह भारत को निशाना बनाने की कोई पटकथा है? यदि ट्रंप और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री व आर्मी चीफ के बीच द्विपक्षीय वार्ता होती है, तो यह डोनाल्ड ट्रंप से आसिम मुनीर की सीधी तीसरी मुलाकात होगी। अब तक, मुनीर ट्रंप से दो बार मिल चुके हैं।
यह ध्यान देने योग्य है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में आम तौर पर देशों के राष्ट्राध्यक्ष या विदेश मंत्री ही शामिल होते हैं। किसी देश के सेना प्रमुख का इस बैठक में भाग लेना अत्यंत दुर्लभ है, लेकिन पाकिस्तान के मामले में यह संभव हो सकता है।
रणनीति, दबाव और कूटनीतिक दांव-पेंच
इस मुलाकात को भारत पर दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। ऐसी संभावना है कि दोनों नेताओं के बीच बहावलपुर हमले, पाकिस्तान में आई बाढ़, और कतर पर इजरायली हमलों के प्रभावों जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। जहाँ एक ओर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बैठक में शामिल नहीं होंगे, वहीं विदेश मंत्री एस जयशंकर इसमें हिस्सा ले सकते हैं।
यह भी गौरतलब है कि कनाडा में जी7 की बैठक के दौरान, जब रूस-यूक्रेन युद्ध चल रहा था, तब डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच 55 मिनट की फोन पर बातचीत हुई थी। उस बातचीत में भी अमेरिका आने का न्यौता दिया गया था, और उस समय सेना प्रमुख आसिम मुनीर भी अमेरिका में ही मौजूद थे।
ट्रंप और मोदी की बातचीत: कूटनीतिक गर्मजोशी का संकेत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी फोन पर हुई बातचीत को “बहुत अच्छी” बताया था। उन्होंने अपने मित्र को जन्मदिन की बधाई दी और रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त करने में सहयोग के लिए भारतीय नेता का आभार व्यक्त किया। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को उनके 75वें जन्मदिन से एक दिन पहले फोन कर शुभकामनाएं दीं और उनके अच्छे काम की सराहना की। यह बातचीत, विशेष रूप से शुल्कों के मुद्दे पर दोनों देशों के बीच तनाव के बीच, भारत के साथ संबंध सुधारने के अमेरिकी प्रयासों के एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखी गई।
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