पाकिस्तान का दावा: चीनी हथियारों ने युद्ध में ‘अविश्वसनीय’ प्रदर्शन किया, पर हकीकत कुछ और है!
हाल ही में भारत के साथ चार दिनों तक चले भीषण युद्ध के बाद, पाकिस्तान ने एक नया और चौंकाने वाला दावा किया है। इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के महानिदेशक, लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने ब्लूमबर्ग को दिए एक साक्षात्कार में कहा है कि युद्ध के दौरान इस्तेमाल किए गए चीन निर्मित हथियारों ने “बेहद अच्छा” प्रदर्शन किया।
दावों पर सवाल: क्या सब कुछ वैसा ही था जैसा पाकिस्तान कह रहा है?
जनरल चौधरी के इन दावों पर तब सवाल उठते हैं, जब इस बात के पुख्ता सबूत मौजूद हैं कि “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान चीन की अत्याधुनिक पीएल-15 मिसाइल को भारतीय सेना ने नष्ट कर दिया था। इसके विपरीत, भारत निर्मित हथियारों ने अपनी असाधारण मारक क्षमता का लोहा मनवाया।
“हर तरह की तकनीक के लिए तैयार”: चौधरी का ब्लूमबर्ग से साक्षात्कार
पिछले हफ़्ते इस्लामाबाद में ब्लूमबर्ग को दिए एक साक्षात्कार में, जनरल चौधरी ने कहा, “हम हर तरह की तकनीक के लिए तैयार हैं।” उन्होंने मई में हुए युद्ध के संदर्भ में यह भी कहा, “बेशक, हाल ही में चीनी प्लेटफार्मों ने असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन किया है।”
जीत का दावा: हकीकत से कितनी दूर?
यह तब है जब पाकिस्तान, युद्धविराम की मिन्नतें करने और अपने महत्वपूर्ण रक्षा ढाँचे पर लगातार हमलों का सामना करने के बावजूद, अपनी जीत का ढिंढोरा पीट रहा है। जनरल चौधरी का यह नया दावा इसी सिलसिले की एक कड़ी मात्र है।
भारत की निर्णायक मार: हवाई पट्टियों से लेकर परमाणु झांसे तक
ये दावे ऐसे समय में आए हैं जब भारत ने पाकिस्तान की कई हवाई पट्टियों को तबाह कर दिया था और सटीक हमलों से उनके ठिकानों को छलनी कर दिया था। भारत ने पाकिस्तान के परमाणु हथियारों के झांसे को भी उजागर किया और अपनी परमाणु हथियार नष्ट करने की क्षमता का भी प्रभावी प्रदर्शन किया।
आधुनिक चीनी हथियारों का पहला बड़ा परीक्षण: पर नाकाम
मई में हुए चार दिवसीय भारत-पाकिस्तान युद्ध में, आधुनिक चीनी निर्मित हथियारों का यह पहला बड़ा परीक्षण था। इनमें पीएल-15 मिसाइलें, एचक्यू-9पी ज़मीन से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, और जेएफ-17 व जे-10 लड़ाकू विमान शामिल थे।
भारतीय रक्षा प्रणाली का दम: स्वदेशी हथियारों का जलवा
हालांकि, भारत की मजबूत हवाई रक्षा प्रणाली, जिसमें बड़ी संख्या में स्वदेशी हथियार शामिल थे, ने इन चीनी हथियारों को अप्रभावी साबित कर दिया। चाहे वह ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल हो या आकाशतीर वायु रक्षा प्रणाली, इन स्वदेशी हथियारों की प्रभावशीलता “ऑपरेशन सिंदूर” की एक निर्णायक विशेषता साबित हुई।
निष्कर्ष:
जहां पाकिस्तान अपने चीनी हथियारों के प्रदर्शन का बखान कर रहा है, वहीं हकीकत यह है कि भारतीय सेना ने अपनी स्वदेशी तकनीक और रणनीति से पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है। युद्ध के परिणाम और हथियारों के प्रदर्शन के दावे, दोनों ही अलग-अलग कहानियाँ बयां कर रहे हैं।
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