फ्रांस के खूबसूरत शहर नीस में जब ‘भारत इनोवेट्स’ इवेंट का आगाज हुआ, तो केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के शब्दों में दोनों देशों के बीच परवान चढ़ते रिश्तों की एक नई चमक दिखाई दी। उन्होंने इस साझेदारी को ‘ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ के एक सुनहरे अध्याय के रूप में पेश किया। गोयल ने याद दिलाया कि कैसे फरवरी 2025 में पेरिस के AI एक्शन समिट में पीएम मोदी ने कमान संभाली और फिर 2026 में भारत की मेजबानी के दौरान राष्ट्रपति मैक्रों ने कदम से कदम मिलाया। आज ये दोनों दिग्गज नेता नीस में उसी साझा विजन को हकीकत में बदल रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि साल 2026 को ‘भारत-फ्रांस इनोवेशन वर्ष’ के रूप में सेलिब्रेट किया जा रहा है, जो इस दोस्ती को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
अनिश्चित दौर में ‘विश्वसनीय सारथी’ बनकर उभरा भारत
बदलते वैश्विक समीकरणों और टेक्नोलॉजी की दौड़ के बीच पीयूष गोयल ने भारत की मजबूत स्थिति का लोहा मनवाया। उन्होंने कहा, “आज जब दुनिया की राजनीति और तकनीक करवट ले रही है, तब हर कोई एक ऐसे साथी की तलाश में है जिस पर आँख बंद करके भरोसा किया जा सके। भारत आज वही ग्लोबल पार्टनर है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत के पास सिर्फ नीतियां नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे युवा देश की ऊर्जा, अद्वितीय टैलेंट पूल और एक ऐसा विशाल पैमाना है, जिसका मुकाबला करना नामुमकिन है।
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सिर्फ काम नहीं, अब भारत का ‘संस्कार’ बन चुका है इनोवेशन
भारत की स्टार्टअप ताकत को रेखांकित करते हुए गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इनोवेशन अब सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति में रच-बस गया है। आज देश में 2.3 लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स इस बदलाव की मशाल थामे हुए हैं। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि फ्रांस की इस धरती पर आए भारत के 120 ‘चैंपियन स्टार्टअप्स’ तो सिर्फ उस विशाल महासागर की कुछ लहरें मात्र हैं, जो भारत की असली क्षमता को दर्शाती हैं।
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फ्रांसीसी दिग्गजों को न्योता: ‘भारत में बनाएं, दुनिया में छाएं’
पीयूष गोयल ने फ्रांसीसी निवेशकों और कंपनियों के लिए रेड कार्पेट बिछाते हुए उन्हें ‘मेक इन इंडिया’ का हिस्सा बनने के लिए ललकारा। उन्होंने एक खुली पेशकश देते हुए कहा, “मैं अपने फ्रांसीसी मित्रों को आमंत्रित करता हूँ कि वे भारत आएं—यहाँ डिजाइन करें, निवेश करें, नया आविष्कार करें और मैन्युफैक्चरिंग शुरू करें।” मंत्री ने भरोसा दिलाया कि भारत न केवल उनके लिए एक विशाल बाजार है, बल्कि यहाँ निर्मित उत्पाद पूरी दुनिया की जरूरतों को पूरा करने और एक्सपोर्ट का पावरहाउस बनने की ताकत रखते हैं।
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