पीएम मोदी को मलेशियाई पीएम का ‘नमस्ते’, पर अचानक ट्रंप संग नाच भारत को ‘धोखे’ में छोड़ गए?

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Malaysia के प्रधानमंत्री ने PM मोदी को कहा नमस्ते, फिर अचानक ट्रंप संग नाचते-नाचते दिया भारत को बड़ा धोखा

कूटनीति का डबल गेम: आसियान समिट में मलेशिया के पीएम के दो चेहरे

हाल ही में मलेशिया में आयोजित आसियान समिट में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जो कूटनीति के चतुर खेल को उजागर करता है। अक्सर, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मुखौटे लगाए जाते हैं, जहाँ ज़ाहिर कुछ और होता है और असल इरादे कुछ और। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई एक घटना ने इसी ‘छिपे हुए खेल’ की ओर इशारा किया। अनवर इब्राहिम के चेहरे पर मुस्कान थी, लेकिन उनकी सोच शायद कहीं और ही भटक रही थी। यह दिलचस्प पल कैमरे में कैद हो गया।

दरअसल, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने पीएम मोदी को आसियान समिट में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया था। हालांकि, पीएम मोदी की व्यस्तता के कारण, उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को अपनी जगह भेजा। पीएम मोदी ने पहले ही अनवर इब्राहिम को इस बदलाव की सूचना दे दी थी और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपना संबोधन देने की बात कही थी।

उत्सुकता का मुखौटा और हकीकत का वार

जब पीएम मोदी का वीडियो संबोधन शुरू होने वाला था, तो अनवर इब्राहिम बेहद उत्सुक दिखे। वह विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बार-बार पूछ रहे थे कि क्या पीएम मोदी ऑनलाइन जुड़ चुके हैं। उनकी यह उत्सुकता महज एक दिखावा साबित हुई, क्योंकि ठीक उसी समय, मलेशिया एक ऐसे भारतीय भगोड़े को खुला समर्थन दे रहा था, जिस पर भारत विरोधी गतिविधियों के गंभीर आरोप हैं।

स्क्रीन पर पीएम मोदी को देखकर अनवर इब्राहिम के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। उन्होंने खुद ही पीएम मोदी का अभिवादन ‘नमस्कार’ कहकर किया, जिसका जवाब पीएम मोदी ने भी ‘नमस्कार जी’ कहकर दिया।

हंसी के पीछे की चाल: जाकिर नाइक को बांग्लादेश का रास्ता

लेकिन जिस वक्त मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम पीएम मोदी से मिल कर मुस्करा रहे थे, उसी वक्त मलेशिया ने भारत में वांछित कट्टरपंथी उपदेशक जाकिर नाइक को बांग्लादेश जाने की ‘खुली छूट’ दे दी। यह एक ऐसा कदम है, जिसे मलेशियाई सरकार की मौन सहमति के बिना अंजाम देना संभव नहीं है। भारत सरकार लंबे समय से जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण की मांग कर रही है, लेकिन मलेशिया का यह कदम नई दिल्ली के लिए एक बड़ा झटका है।

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार, जिसे नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में स्थापित किया गया है, 28 नवंबर से 20 दिसंबर, 2025 तक जाकिर नाइक का भव्य स्वागत करने की तैयारी कर रही है। यह तब हो रहा है, जब बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने नौ साल पहले ही जाकिर नाइक पर प्रतिबंध लगा दिया था। कट्टरपंथी भाषणों और विवादास्पद टिप्पणियों के लिए कुख्यात जाकिर नाइक की यह पहली बांग्लादेश यात्रा होगी।

यह पूरी घटना दर्शाती है कि कैसे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में, एक मुस्कान के पीछे छिपी हकीकतें दुनिया को चौंका सकती हैं।


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