भारत और कनाडा के रिश्तों में एक बार फिर नई गर्माहट देखने को मिल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 और 12 दिसंबर 2026 को कनाडा की दो दिवसीय यात्रा पर जाएंगे। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इस दौरे की तारीख की पुष्टि की है। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, सुरक्षा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र से जुड़े अहम मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है।
11 दिसंबर से शुरू होगा पीएम मोदी का कनाडा दौरा
भारतीय उच्चायोग ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी की आगामी कनाडा यात्रा की जानकारी दी। इससे पहले कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी मोदी के 11 और 12 दिसंबर को कनाडा आने की पुष्टि की थी।
यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब दोनों देशों के रिश्तों में हाल के तनाव के बाद फिर से सकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश हो रही है। दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और आपसी सहयोग को नई दिशा देने पर जोर दे रहे हैं।
व्यापार समझौता सबसे अहम मुद्दा
पीएम मोदी और मार्क कार्नी की बैठक में व्यापार सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक हो सकता है।
दोनों देश Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) पर बातचीत को जल्द पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमत हैं। लक्ष्य दोनों देशों के बीच व्यापार को 2030 तक बढ़ाकर करीब 70 अरब डॉलर सालाना करने का है।
कनाडा के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू भी भारत में व्यापार मिशन का नेतृत्व कर रहे हैं। इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की कोशिशों का संकेत मिलता है।
ऊर्जा और तकनीक पर भी होगी चर्चा
भारत और कनाडा के बीच ऊर्जा और तकनीकी क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा होने की संभावना है।
दोनों देश ऊर्जा सुरक्षा, नई तकनीक, निवेश और आपूर्ति श्रृंखला जैसे क्षेत्रों में सहयोग के अवसर तलाश सकते हैं। कनाडा के लिए भारत एक बड़ा बाजार है, जबकि भारत भी ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों सहित कई क्षेत्रों में कनाडा के साथ सहयोग बढ़ाना चाहता है।
सुरक्षा और हिंद-प्रशांत भी एजेंडे में
बैठक में सुरक्षा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर भी चर्चा हो सकती है।
दोनों नेताओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती भू-राजनीतिक अस्थिरता के प्रभाव और भरोसेमंद साझेदारियों के महत्व पर बातचीत की है। ऐसे में पीएम मोदी की यात्रा के दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग भी महत्वपूर्ण मुद्दा रह सकता है।
लोगों के बीच रिश्ते मजबूत करने पर जोर
भारत-कनाडा संबंधों में दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क भी महत्वपूर्ण है। शिक्षा, छात्रों, प्रवासी भारतीयों और लोगों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करना भी दोनों देशों की प्राथमिकताओं में शामिल हो सकता है।
भारत और कनाडा के बीच बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन और मजबूत सामाजिक संबंध हैं। ऐसे में दोनों सरकारें इन रिश्तों को सकारात्मक दिशा देने पर जोर दे सकती हैं।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्क कार्नी के साथ बातचीत के बाद भारत-कनाडा संबंधों में बनी सकारात्मक गति को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि दोनों देश व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और लोगों के बीच आपसी संबंधों जैसे रणनीतिक साझेदारी के प्रमुख क्षेत्रों में ठोस परिणाम हासिल करने की दिशा में काम करने पर सहमत हुए हैं।
रिश्तों में नई शुरुआत की उम्मीद
पीएम मोदी का दिसंबर में होने वाला कनाडा दौरा दोनों देशों के रिश्तों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लंबे समय तक चले तनाव के बाद अब भारत और कनाडा आर्थिक, रणनीतिक और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ते दिखाई दे रहे हैं।
अब नजर इस बात पर होगी कि दिसंबर में मोदी और कार्नी की मुलाकात के दौरान CEPA, व्यापार, ऊर्जा, तकनीक और सुरक्षा के मोर्चे पर कौन से ठोस फैसले सामने आते हैं।
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