कनाडा में खालिस्तानी आतंकवादी की गिरफ्तारी: भारत-कनाडा संबंधों में नया मोड़
नई दिल्ली: कनाडा में खालिस्तान समर्थक अलगाववादी आंदोलन से जुड़े एक अहम व्यक्ति, इंद्रजीत सिंह गोसल, की गिरफ्तारी ने भारत और कनाडा के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों में एक नई परत जोड़ दी है। गोसल, जिसे भारत में प्रतिबंधित सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू का करीबी सहयोगी माना जाता है, को कथित तौर पर ओटावा में हथियारों से संबंधित आरोपों में हिरासत में लिया गया है।
गोसल की भूमिका और विवादास्पद पृष्ठभूमि:
36 वर्षीय गोसल को कनाडा में तथाकथित खालिस्तान जनमत संग्रह के मुख्य आयोजकों में से एक के तौर पर पहचाना जाता है। खुफिया एजेंसियों के सूत्रों का दावा है कि वह पन्नू के निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) के रूप में भी काम कर चुका है। उसकी गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में भारत और कनाडा ने द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने के लिए सहयोग पर जोर दिया था, जिसमें आतंकवाद से निपटने का वादा भी शामिल था।
हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद गोसल का नाम भारत विरोधी गतिविधियों में प्रमुखता से सामने आया था। पिछले साल, ग्रेटर टोरंटो क्षेत्र के एक मंदिर में हुई हिंसा के एक मामले में उसे संदिग्ध माना गया था, हालांकि उसे रिहा कर दिया गया था। उस पर कनाडा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावासों में हिंसा की साजिश रचने का भी आरोप है। खालिस्तान जनमत संग्रह के समर्थन में अपने मुखर अभियान के लिए जाने जाने वाले गोसल, पन्नू के कनाडा दौरों पर उनके अंगरक्षक के रूप में भी सक्रिय रहे हैं। उसकी पहचान प्रतिबंधित आतंकवादी समूह बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) से जुड़े होने के तौर पर भी हुई है।
राजनयिक तनाव और सुरक्षा संबंधी चिंताएं:
यह गिरफ्तारी पिछले साल निज्जर की हत्या के बाद से दोनों देशों के बीच बढ़े राजनयिक तनाव के बीच हुई है। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इस हत्या के लिए भारत सरकार पर आरोप लगाया था, जिसके जवाब में भारत ने अपने उच्चायुक्त और अन्य अधिकारियों को वापस बुला लिया था और कनाडाई राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था।
गोसल ने खुद को "भारत सरकार के एजेंटों और प्रतिनिधियों से अपनी जान का खतरा" बताते हुए आपराधिक हिंसा का शिकार होने का दावा किया था। उसने यह भी कहा था कि कनाडाई अधिकारियों ने उसे उसकी जान के खतरे के बारे में आगाह किया है। एक कनाडाई समाचार पोर्टल को दिए साक्षात्कार में, उसने कहा था कि वह अपना काम जारी रखने के लिए बाध्य महसूस करता है।
कनाडाई पुलिस के अनुसार, गोसल उन 13 नागरिकों में से एक था, जो खालिस्तान समर्थक ताकतों द्वारा की गई हिंसा का शिकार हुए थे। पील क्षेत्रीय पुलिस (पीआरपी) ने उसे हथियार से हमला करने के आरोप में गिरफ्तार कर कुछ शर्तों पर रिहा कर दिया था, और उसे बाद में ब्रैम्पटन स्थित ओंटारियो कोर्ट ऑफ जस्टिस में पेश होना है।
इंद्रजीत सिंह गोसल: पन्नू का दाहिना हाथ?
36 वर्षीय गोसल को पन्नू का बेहद करीबी और दाहिना हाथ माना जाता है। जून 2023 में निज्जर की मृत्यु के बाद, वह कथित तौर पर एसएफजे के एक प्रमुख कनाडाई आयोजक के रूप में उभरा। उसे पिछले साल नवंबर में ग्रेटर टोरंटो एरिया (जीटीए) के एक हिंदू मंदिर में हुई हिंसक घटना के सिलसिले में हिरासत में लिया गया था, जहां उस पर हिंदू-कनाडाई श्रद्धालुओं पर हमला करने का आरोप था।
कनाडाई पुलिस ने पिछले साल अगस्त में गोसल को उसकी जान को बढ़ते खतरे के बारे में आगाह किया था। पन्नून ने भी ओंटारियो पुलिस और रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) द्वारा गोसल को "चेतावनी देने के कर्तव्य" संबंधी नोटिस दिए जाने की पुष्टि की थी। इन चेतावनियों के बावजूद, गोसल ने रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब के लिए खालिस्तानी अलगाव योजना के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी।
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