कीव की रात उस वक्त दहल उठी जब आसमान से पहले बैलिस्टिक मिसाइलें बरसीं और फिर ‘शाहिद’ ड्रोन्स ने तबाही का तांडव मचाया। जबरदस्त धमाकों की गूंज से पूरा शहर थर्रा उठा, जिससे खौफजदा लोग अपनी जान बचाने के लिए बंकरों की ओर भागे। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की पुरजोर अपील की। क्लिमेनको ने स्थिति की गंभीरता बताते हुए कहा, ‘‘कीव पर यह हमला बेहद भीषण था, जिसमें शहर के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।’’
सैन्य प्रशासन के प्रमुख टिमुर त्काचेंको ने इस मंजर की भयावहता बताते हुए कहा कि एक मासूम बच्चे समेत 13 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। शेवचेंकिव्स्की जिले में तो महज 30 मिनट के भीतर पांच हमले हुए, जिसने एक 25 मंजिला आवासीय इमारत को अपनी चपेट में ले लिया, जबकि पास के बाजार और किराना स्टोर आग की लपटों में घिर गए। तबाही यहीं नहीं रुकी, ओबोलोन्स्की जिले में भी एक नौ मंजिला रिहायशी इमारत रूसी हमलों का शिकार बनी।
त्काचेंको ने रूस की इस कार्रवाई को क्रूरता की पराकाष्ठा बताया। उन्होंने सीधे तौर पर रूस पर निशाना साधते हुए कहा, “रिहायशी इमारतों को तबाह करना कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि रूस का एक सोचा-समझा और जानबूझकर लिया गया क्रूर फैसला है।”
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