मध्य-पूर्व में महायुद्ध की आहट: तेहरान पर इजरायली प्रहार और मोजतबा खामेनेई की पहली सीधी चेतावनी
ईरान की दहलीज तक जंग की आग पहुंच चुकी है। इजरायली वायुसेना ने ईरान की राजधानी तेहरान पर भीषण हमलों का नया दौर शुरू कर दिया है, वहीं लेबनान की राजधानी बेरूत भी धमाकों से थर्रा रही है। इजरायल ने वहां नए हमलों के साथ ही लोगों को सुरक्षित निकलने के सख्त आदेश जारी किए हैं। इस बीच, ईरान की सत्ता का केंद्र भी बदल गया है। अपने पिता अली खामेनेई की मौत के बाद कमान संभालते ही मोजतबा खामेनेई ने दुनिया के सामने अपना पहला कड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने दो टूक कहा है कि अमेरिका को क्षेत्र में अपने सैन्य ठिकाने तुरंत बंद कर देने चाहिए, वरना इन हमलों का सिलसिला कभी नहीं थमेगा।
इसे भी पढ़ें: जंग के बीच ट्रंप को किम ने ललकारा, ईरान वॉर में नार्थ कोरिया की अमेरिका को दो टूक
कतर का कड़ा रुख: अमेरिका के साथ दरार पैदा करने की साजिशों को किया बेनकाब
इजरायली मीडिया के उन दावों पर कतर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिनमें कहा गया था कि कतर ने अमेरिका में ईंधन की कीमतों को प्रभावित करने के लिए जानबूझकर एलएनजी (LNG) का उत्पादन रोका है। कतर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अमेरिका और उसके रिश्तों में फूट डालने की एक गहरी साजिश करार दिया है। कतर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि उनके लिए मानवीय सुरक्षा किसी भी राजनीतिक या आर्थिक लाभ से ऊपर है। उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू के अनौपचारिक प्रचारक वैश्विक अस्थिरता का फायदा उठाकर क्षेत्र में तनाव और विभाजन फैला रहे हैं। गौरतलब है कि कतर दुनिया की 20% एलएनजी की आपूर्ति करता है और हालिया ईरानी ड्रोन हमलों के बाद उत्पादन रुकने से वैश्विक बाजार पर दबाव जरूर बढ़ा है।
इसे भी पढ़ें: अमेरिका में घुसकर मारेगा ईरान, FBI ने प्लान का किया भंडाफोड़! ट्रंप हैरान
लिटानी नदी पर इजरायल का ‘सर्जिकल’ स्ट्राइक, ढहाया महत्वपूर्ण पुल
युद्ध के मैदान से एक और बड़ी खबर है। इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण लिटानी नदी पर बने ‘ज़रारियेह पुल’ को मलबे में तब्दील कर दिया है। सेना का दावा है कि हिज़्बुल्लाह इस पुल का इस्तेमाल अपने मुख्य परिवहन मार्ग के रूप में कर रहा था और हाल ही में इसी के नजदीक घातक मिसाइल लॉन्चर तैनात किए गए थे। इस पुल के टूटने से हिज़्बुल्लाह की रसद और आवाजाही पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है।
छिपाई गई हकीकत? कुवैत हमले में 100 से अधिक अमेरिकी सैनिक जख्मी
पिछले 24 घंटों में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। कुवैत में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हुए ईरानी हमले की जो तस्वीर पहले दिखाई गई थी, वह उससे कहीं अधिक भयावह है। शुरुआती खबरों में केवल सात जवानों के घायल होने की बात कही गई थी, लेकिन अब पता चला है कि इस हमले में 100 से लेकर 150 अमेरिकी जवान घायल हुए हैं। इन्हें इलाज के लिए अमेरिका और जर्मनी के सैन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जर्मनी में भर्ती कुछ सैनिकों की हालत इतनी नाजुक है कि एक जवान का अंग तक काटना पड़ सकता है। अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि अमेरिकी सेना ने दो हफ्ते तक इतने बड़े नुकसान की बात दुनिया से क्यों छिपाए रखी?
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
