ट्रंप का ‘कमांडर-इन-चीफ’ अवतार: AI फोटो के साथ दी चेतावनी, ईरान समझौते पर किया बड़ा दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर हलचल पैदा कर दी है। अपने प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ट्रंप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार एक बेहद शक्तिशाली और सिनेमाई तस्वीर साझा की है। इस तस्वीर में ट्रंप किसी हॉलीवुड फिल्म के हीरो की तरह एक विशाल नौसैनिक युद्धपोत के डेक पर ‘कमांडर-इन-चीफ’ की मुद्रा में खड़े हैं। हाथ में दूरबीन थामे ट्रंप समंदर की लहरों को चीरते हुए आगे देख रहे हैं।
बैकग्राउंड का नजारा किसी युद्ध के मैदान जैसा है—अमेरिकी युद्धपोतों का एक विशाल काफिला उफनती लहरों के बीच बढ़ रहा है, आसमान में गरजते लड़ाकू विमान सफेद धुएं की लकीरें छोड़ रहे हैं और डूबते सूरज की नारंगी रोशनी में अमेरिकी झंडे शान से लहरा रहे हैं। इस ड्रामेटिक फोटो के साथ ट्रंप ने एक रहस्यमयी कैप्शन दिया— “आप भ्रमित हो रहे हैं।”
ईरान के साथ ऐतिहासिक शांति समझौते का दावा और चेतावनी
ट्रंप की यह पोस्ट महज एक तस्वीर नहीं, बल्कि एक बड़े कूटनीतिक घटनाक्रम का संकेत है। ट्रंप ने दावा किया है कि रविवार को अमेरिका और ईरान के बीच एक ‘ऐतिहासिक शांति समझौते’ पर हस्ताक्षर होने जा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह नई डील ईरान के परमाणु सपनों के आगे एक अभेद्य दीवार खड़ी कर देगी। हालांकि, अपने चिर-परिचित अंदाज में ट्रंप ने सख्त लहजा अपनाते हुए यह भी जोड़ दिया कि अगर यह समझौता विफल रहता है, तो अमेरिका के पास एक “आखिरी और विनाशकारी विकल्प” हमेशा मेज पर मौजूद है।
ओबामा की पुरानी डील पर कड़ा प्रहार
इस नए समझौते की खूबियां बताते हुए ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की ईरान नीति को आड़े हाथों लिया। ट्रंप ने कहा, “ओबामा की न्यूक्लियर डील ईरान के लिए परमाणु बम बनाने का एक रेड कार्पेट स्वागत जैसा था। अगर वह डील लागू रहती, तो ईरान 6 साल पहले ही परमाणु हथियारों से लैस हो चुका होता।”
ट्रंप का दावा है कि उनका नया समझौता ईरान के लिए परमाणु हथियार हासिल करना नामुमकिन बना देगा। साथ ही, उन्होंने वादा किया कि इस डील के होते ही होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग पूरी दुनिया के लिए फिर से खुल जाएगा।
ईरान ने ट्रंप के ‘संडे प्लान’ पर फेरा पानी
एक तरफ जहां ट्रंप रविवार को समझौते की पूरी तैयारी का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान ने इस पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने साफ किया कि रविवार को किसी भी हस्ताक्षर समारोह की कोई योजना नहीं है। हालांकि, ईरान ने यह जरूर स्वीकार किया कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच बातचीत किसी ठोस नतीजे पर पहुंच सकती है, लेकिन फिलहाल ट्रंप के ‘संडे साइनिंग’ के दावे को उन्होंने खारिज कर दिया है।
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