ट्रम्प के संयुक्त राष्ट्र दौरे पर हंगामे और हास्यास्पद घटनाओं की श्रृंखला
सुपरपावर के नशे में चूर और दुनिया को डराने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इन दिनों खासी फजीहत का सामना कर रहे हैं। शांति की बात करने और शांति फैलाने का दावा करने वाले ट्रम्प की इस बार ऐसी बेइज्जती हुई कि दुनिया भी हैरान रह गई। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में भाषण देते वक्त मंच पर ही उनकी हँसी उड़ाई गई, साथ ही बिल्डिंग के बाहर उनके खिलाफ जमकर हंगामा हुआ, जिससे उनकी साख पर बट्टा लग गया।
दरअसल, दुनिया को अपनी नीतियों से परेशान करने वाले ट्रम्प के साथ कुछ ऐसा हुआ जिसने उन्हें मजाक का पात्र बना दिया। अपने कथित झूठे एजेंडे के तहत, शांति का बड़ा मंच कहे जाने वाले यूएन पहुंचे ट्रम्प की उम्मीदों पर पानी फिर गया। सबसे पहले, जब वे भाषण देने के लिए यूएन हॉल की ओर बढ़ रहे थे, तो एक्सीलेटर अचानक बंद हो गया। इस अप्रत्याशित रुकावट के कारण, उन्हें अपनी पत्नी के साथ सीढ़ियों से जाना पड़ा।
इसके बाद, ट्रम्प की फजीहत तब और बढ़ गई जब वे भाषण देने के लिए मंच पर आए और उनका टेलीप्रॉम्प्टर काम करना बंद कर दिया। टेलीप्रॉम्प्टर के बंद होते ही, ट्रम्प घबरा गए और इधर-उधर देखने लगे। इस घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "इस टेलीप्रॉम्प्टर को जो चला रहा है, वह मुसीबत में है।" ट्रम्प की यह बात सुनकर सभा में बैठे सभी लोग जोर-जोर से हंसने लगे। इस हास्यास्पद दृश्य का रूस ने भी जमकर मज़ा लिया। रूसी राजनयिकों को यूएन में ट्रम्प के भाषण का वीडियो बनाते और ठहाके लगाते देखा गया।
इसके अलावा, ट्रम्प की किरकिरी तब भी हुई जब वे भाषण दे रहे थे, तब बिल्डिंग के बाहर उनकी नीतियों और बेतुके फैसलों के खिलाफ लोगों ने जमकर प्रदर्शन किया और बवाल काटा। यूएन में ट्रम्प ने ऐसी गलती कर दी जिसका अब दुनियाभर में मजाक उड़ रहा है। लोग उनकी मानसिक स्थिति और कमजोर याददाश्त पर सवाल उठा रहे हैं। दरअसल, यूएन में नेताओं को बोलने के लिए 15 मिनट का समय दिया जाता है, लेकिन ट्रम्प, या तो अपनी कमजोर याददाश्त के कारण इस नियम को भूल गए या जानबूझकर उन्होंने 56 मिनट तक भाषण दिया। यह किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति का अब तक का सबसे लंबा भाषण था।
भड़क गए ट्रम्प
इन घटनाओं से आहत ट्रम्प ने अपने ‘ट्रुथ सोशल’ प्लेटफॉर्म पर 357 शब्दों का एक बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने घटनाओं का अपना पक्ष रखा और पूरे मामले को "वास्तव में शर्मनाक" बताया। ट्रम्प ने लिखा कि यह एक, दो नहीं, बल्कि तीन बेहद भयावह घटनाएं थीं। पहली घटना तब हुई जब वे और प्रथम महिला संयुक्त राष्ट्र परिसर पहुंचे। जैसे ही वे मुख्य तल के पास पहुंचे, उन्हें ले जाने वाला एक्सीलेटर अचानक रुक गया। दूसरी समस्या तब खड़ी हुई जब ट्रम्प महासभा को संबोधित करने के लिए मंच पर चढ़े और उनका टेलीप्रॉम्प्टर शुरुआत में ही खराब हो गया, जिससे उन्हें भाषण के कुछ हिस्सों को बिना किसी बदलाव के बोलना पड़ा। तीसरी समस्या हॉल के ऑडियो सिस्टम से जुड़ी थी, जिसके कारण कई प्रतिनिधि उनकी बात सुन नहीं पा रहे थे।
संयुक्त राष्ट्र ने क्या प्रतिक्रिया दी
बढ़ते विवाद पर संयुक्त राष्ट्र ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने एक विस्तृत बयान जारी कर घटना का विवरण दिया। दुजारिक ने बताया कि राष्ट्रपति के आगमन के दौरान, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का एक वीडियोग्राफर ट्रम्प और मेलानिया के प्रवेश की फुटेज रिकॉर्ड करने के लिए एक्सीलेटर पर पीछे की ओर चल रहा था। जैसे ही वीडियोग्राफर एक्सीलेटर के ऊपर पहुंचा, प्रथम महिला और राष्ट्रपति नीचे से उस पर चढ़ गए। सुबह 9:50 बजे, एक्सीलेटर अचानक रुक गया। समूह के दूसरी मंजिल पर पहुंचने के बाद, पास में तैनात एक संयुक्त राष्ट्र तकनीशियन ने एक्सीलेटर को रीसेट कर दिया। घटना के बाद, एक्सीलेटर की सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट की डायग्नोस्टिक जांच की गई। दुजारिक के अनुसार, जांच से पता चला कि ‘कॉम्ब स्टेप मैकेनिज्म’ नामक एक अंतर्निहित सुरक्षा सुविधा चालू हो गई थी। यह सुविधा मशीन को रोकने के लिए डिज़ाइन की गई है, यदि कोई वस्तु या व्यक्ति ऊपर या नीचे गियरिंग के बहुत करीब आ जाता है, जिससे संभावित चोट या यांत्रिक क्षति को रोका जा सके। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति के संबोधन के दौरान इस्तेमाल किया गया टेलीप्रॉम्प्टर व्हाइट हाउस के कर्मचारियों द्वारा संचालित किया गया था, न कि संयुक्त राष्ट्र कर्मियों द्वारा।
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