ब्रिटेन ने खालिस्तान समर्थक आतंकी समूह ‘बब्बर खालसा’ पर कसा शिकंजा: वित्तीय सहायता पर लगाई रोक
लंदन: ब्रिटेन ने आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाते हुए, खालिस्तान समर्थक आतंकी समूह ‘बब्बर खालसा’ की वित्तीय गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह पहली बार है जब इस अलगाववादी समूह पर इस तरह के कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं।
इस प्रतिबंध के तहत, गुरप्रीत सिंह रेहल के खिलाफ संपत्ति ज़ब्त करने और निदेशक पद के लिए अयोग्य घोषित करने की कार्रवाई की गई है। रेहल पर भारत में आतंकवाद में लिप्त संगठनों से जुड़े होने का संदेह है। इसके साथ ही, इसी आतंकी समूह को बढ़ावा देने और समर्थन देने के आरोप में ‘बब्बर अकाली लहर’ के खिलाफ भी संपत्ति ज़ब्त करने की घोषणा की गई है।
आतंकी गतिविधियों में लिप्त होने के पुख्ता सबूत:
ब्रिटेन के वित्त विभाग के अनुसार, रेहल ‘बब्बर खालसा’ और ‘बब्बर अकाली लहर’ की आतंकवादी गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल रहा है। इसमें इन संगठनों को बढ़ावा देना, उनके लिए नई भर्तियाँ करना, वित्तीय सहायता मुहैया कराना और हथियारों तथा अन्य सैन्य सामग्री की खरीद शामिल है। सरकार का कहना है कि ‘बब्बर अकाली लहर’ भी ‘बब्बर खालसा’ की आतंकवादी गतिविधियों से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है और समूह तथा अपने लिए भर्तियाँ करके इन गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है।
संपत्ति ज़ब्त और निदेशक पद से अयोग्यता:
ब्रिटेन में रेहल या ‘बब्बर अकाली लहर’ के स्वामित्व, कब्जे या नियंत्रण में मौजूद सभी वित्तीय संसाधनों और संपत्तियों को अब ज़ब्त कर लिया गया है। रेहल पर निदेशक अयोग्यता प्रतिबंध भी लगाए गए हैं, जिसका अर्थ है कि वह किसी भी कंपनी के निदेशक के रूप में कार्य नहीं कर पाएंगे और न ही किसी कंपनी के गठन या प्रबंधन में भाग ले पाएंगे।
वित्त मंत्री का कड़ा रुख:
ब्रिटेन की वित्त मंत्री लूसी रिग्बी ने इस कार्रवाई पर जोर देते हुए कहा, “जब आतंकवादी ब्रिटेन की वित्तीय प्रणाली का दुरुपयोग करते हैं, तब हम चुप नहीं बैठेंगे। यह ऐतिहासिक कार्रवाई दर्शाती है कि हम आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने के लिए अपने पास उपलब्ध हर उपकरण का उपयोग करने के लिए तैयार हैं, चाहे वह कहीं भी हो और चाहे इसके लिए कोई भी जिम्मेदार हो। ब्रिटेन हिंसा और घृणा को बढ़ावा देने वालों के विरुद्ध शांतिपूर्ण समुदायों के साथ दृढ़ता से खड़ा है।”
यह प्रतिबंध उन लोगों के लिए एक स्पष्ट संदेश है जो आतंकवाद को बढ़ावा देने या उसका समर्थन करने का प्रयास करते हैं। ब्रिटेन ने एक बार फिर आतंकवाद के खिलाफ अपनी मजबूत प्रतिबद्धता जाहिर की है।
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