अमेरिका में सरकारी शटडाउन ने उड़ानों का सत्यानाश किया: 40 दिन, 2,000 से अधिक उड़ानें रद्द, 8,000 से ज़्यादा में देरी
40 हवाई अड्डों पर 10% उड़ानों में कटौती, ‘फिलिबस्टर’ के जाल में फंसा फंडिंग प्रस्ताव
वॉशिंगटन, डी.सी. – अमेरिका में अभूतपूर्व सरकारी शटडाउन ने देश की हवाई यात्रा व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है। 40 दिनों से जारी इस संकट ने अब तक 2,000 से अधिक उड़ानों को रद्द करने और 8,000 से अधिक उड़ानों में देरी होने पर मजबूर कर दिया है। उड़ानें ट्रैक करने वाली प्रतिष्ठित वेबसाइट फ्लाइट अवेयर के अनुसार, यह आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं।
उड़ानों का सैलाब थमा, हवाई अड्डे वीरान
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, अमेरिकी विमानन विभाग द्वारा शुक्रवार से लागू की गई उड़ानों में कटौती की नीति का असर तुरंत दिखाई दिया। जहां गुरुवार को केवल 202 उड़ानें रद्द हुई थीं, वहीं शुक्रवार को यह संख्या बढ़कर 1,025 हो गई और शनिवार को तो 1,566 उड़ानों को रद्द करना पड़ा। इस अभूतपूर्व संकट का मुख्य कारण है एयर ट्रैफिक कंट्रोलरों का छुट्टी पर जाना, जिसके चलते शेष कर्मचारियों पर काम का भारी बोझ आ पड़ा है।
कर्मचारियों पर दबाव, 40 हवाई अड्डों पर 10% कटौती
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए, परिवहन विभाग और विमानन प्राधिकरण ने देश के 40 प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ानों की संख्या में 10 प्रतिशत की कमी करने का फैसला किया है। इस कदम का उद्देश्य कर्मचारियों पर बढ़ते दबाव को कम करना और हवाई क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
थैंक्सगिविंग पर यात्रा का संकट, अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव
परिवहन मंत्री सीन डफी ने रविवार को सीएनएन को दिए एक साक्षात्कार में चिंता व्यक्त की कि स्थिति और भी बदतर हो सकती है। उन्होंने आगाह किया कि थैंक्सगिविंग, अमेरिका के सबसे बड़े त्योहारों में से एक, से पहले हवाई यात्रा बहुत कम हो सकती है। राष्ट्रीय आर्थिक परिषद के निदेशक ने भी इस बात पर जोर दिया कि यदि लोग थैंक्सगिविंग पर यात्रा नहीं कर पाते हैं, तो साल की चौथी तिमाही में देश की अर्थव्यवस्था पर गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
‘फिलिबस्टर’ की बाधा, फंडिंग प्रस्ताव अधर में
वर्तमान में, अमेरिकी सरकार को खर्चों को पूरा करने के लिए एक अस्थायी उपाय की तत्काल आवश्यकता है। हालांकि, यह प्रस्ताव सीनेट में “फिलिबस्टर” नामक एक विशेष प्रक्रिया के कारण अटक गया है। इस प्रक्रिया में किसी भी विधेयक को पारित करने के लिए साधारण बहुमत के बजाय 60 वोटों की आवश्यकता होती है। वर्तमान में रिपब्लिकन पार्टी के पास केवल 53 वोट हैं, जिससे वे ‘फिलिबस्टर’ को पार करने में असमर्थ हैं और अस्थायी वित्त पोषण प्रस्ताव पारित नहीं हो पा रहा है।
‘फिलिबस्टर’ का मायाजाल
‘फिलिबस्टर’ एक ऐसी संसदीय प्रक्रिया है जिसके तहत सीनेटर किसी प्रस्तावित विधेयक या फंडिंग पर लंबी बहस करके मतदान में देरी या उसे पूरी तरह से रोक सकते हैं। यही कारण है कि राष्ट्रपति ट्रंप ‘फिलिबस्टर’ को समाप्त करने की बात कर रहे हैं, ताकि वे फंडिंग और बजट से जुड़े प्रस्तावों को पारित कर सकें और इस संकट से उबार सकें।
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