**दमिश्क, 9 अगस्त (एपी):** सीरिया और रूस के बीच भूमध्यसागर की लहरों के बीच एक बड़ा रणनीतिक बदलाव होने जा रहा है। सीरियाई विदेश मंत्रालय ने रविवार को एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि दोनों देश अब भूमध्यसागरीय तट पर स्थित दो महत्वपूर्ण ठिकानों के भविष्य को लेकर एक नए समझौते पर पहुँच गए हैं। इस नए समीकरण के तहत, इन ठिकानों का उपयोग अब रूस द्वारा सैन्य चौकियों के रूप में करना समाप्त हो जाएगा। गौरतलब है कि 2011 से 2024 के बीच जब सीरिया इस्लामी गुट के नेतृत्व वाले सशस्त्र विपक्ष के साथ संघर्ष कर रहा था, तब रूस राष्ट्रपति बशर अल-असद का सबसे मजबूत राजनीतिक और सैन्य स्तंभ बना रहा। इस विद्रोही गुट के प्रमुख उग्रवादी नेताओं में वर्तमान अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरा भी शामिल रहे।
इस लंबे संघर्ष के दौरान, लताकिया के समीप स्थित हमीमीम हवाई अड्डा और टार्टस नौसेना अड्डा पूर्वी भूमध्य सागर में रूस की ताकत के दो प्रमुख केंद्र रहे हैं। अब हुए समझौते के तहत, सीरिया इन दोनों ठिकानों पर नागरिक प्रशासन के रूप में अपना पूर्ण नियंत्रण स्थापित करेगा; इसमें हमीमीम हवाई अड्डे और टार्टस बंदरगाह पर वाणिज्यिक बर्थ का प्रबंधन भी शामिल है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इन दोनों स्थानों पर मौजूद वर्तमान सैन्य केंद्रों को अब ‘संयुक्त प्रशिक्षण केंद्र’ के रूप में पुनर्गठित किया जाएगा।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ये नई व्यवस्थाएं सीरियाई तट पर ‘रूसी उपस्थिति को पुनर्गठित करने’ की एक सोची-समझी प्रक्रिया का हिस्सा हैं। हालाँकि, रूस ने इस महत्वपूर्ण समझौते पर अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। गौरतलब है कि विद्रोह के दौरान जब लक्ष्य असद को सत्ता से बेदखल करना था, तब रूस ने सीधे तौर पर दखल नहीं दिया था, लेकिन उसने लंबे समय तक सत्ता में रहे असद और उनके परिवार को सुरक्षित शरण जरूर दी थी।
असद के शासन के अंत के साथ ही, सीरिया की धरती पर तैनात रूसी सैनिक धीरे-धीरे देश छोड़कर वापस लौटने लगे थे।
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