EMI पर मोबाइल? किश्तें अटकीं तो कहीं दूर से लॉक न हो जाए आपका फोन! RBI का बड़ा फैसला…
मोबाइल फोन किस्तों पर खरीदने वालों के बीच इन दिनों एक सवाल खूब चर्चा बटोर रहा है: क्या ईएमआई (EMI) समय पर न चुकाने पर बैंक आपका फोन दूर से लॉक कर सकते हैं? इस उलझन पर अब रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने आखिरकार अपनी स्थिति साफ कर दी है। मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, RBI के गवर्नर ने स्पष्ट किया कि इस तरह का एक प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन है और इस पर सभी संबंधित पक्षों से राय ली जा रही है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि किसी भी अंतिम व्यवस्था में, ग्राहक के अधिकारों और उनकी डेटा गोपनीयता को सर्वोपरि रखा जाएगा।
क्या है प्रस्ताव? लोन लेते वक्त ‘हां’ कही तो हो सकती है कार्रवाई!
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, RBI अपने ‘फेयर प्रैक्टिसेज़ कोड’ में संशोधन करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। इस प्रस्तावित नियम के तहत, यदि कोई ग्राहक लोन की EMI का भुगतान करने में विफल रहता है, तो बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों (NBFCs) को मोबाइल फोन को दूर से लॉक करने का विकल्प मिल सकता है। लेकिन, यह कदम केवल तभी उठाया जा सकेगा जब ग्राहक लोन लेते समय इस विशेष शर्त के लिए अपनी स्पष्ट सहमति देगा। इतना ही नहीं, फोन लॉक होने की स्थिति में भी, बैंक को डिवाइस में मौजूद किसी भी व्यक्तिगत डेटा को देखने या उसमें किसी भी तरह का हस्तक्षेप करने की इजाजत नहीं होगी।
बढ़े डिफॉल्ट पर लगाम: बैंकों की दलील, ‘गाड़ी-घर की तरह स्मार्टफोन भी’
इस विचार के पीछे की मुख्य वजह यह है कि हाल के वर्षों में छोटे उपभोक्ता ऋणों पर डिफॉल्ट (कर्ज न चुकाने) के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, और इनमें सबसे अधिक शिकायतें महंगे स्मार्टफोन्स से जुड़ी हुई हैं। बैंक अपनी दलील में कहते हैं कि जैसे किस्तों पर खरीदी गई गाड़ियों या मकानों के लिए EMI न चुकाने पर वसूली की सुस्थापित व्यवस्थाएं हैं, वैसे ही स्मार्टफोन के लिए भी ऐसा ही एक विकल्प होना चाहिए, जिससे वसूली प्रक्रिया को सरल बनाया जा सके।
आलोचना भी तेज: ‘डिजिटल जिंदगी का अहम हिस्सा, लॉक होने से गंभीर समस्याएं!’
हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर आलोचना का स्वर भी काफी मुखर है। विशेषज्ञों का मानना है कि आज के दौर में मोबाइल फोन हर किसी की जिंदगी का एक अभिन्न अंग बन गया है। यह सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि काम, शिक्षा, बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवाओं और यहां तक कि आपातकालीन स्थितियों में भी सबसे महत्वपूर्ण जरिया है। ऐसे में, किश्त न चुकाने के कारण फोन को लॉक कर देना वाकई गंभीर समस्याएं खड़ी कर सकता है। डेटा सुरक्षा और निजता को लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आलोचकों का तर्क है कि भले ही बैंक केवल फोन लॉक करने का विकल्प अपनाएं, लेकिन किसी भी डिवाइस पर दूर से नियंत्रण की अनुमति को संवैधानिक अधिकारों और उपभोक्ता की स्वतंत्रता के खिलाफ माना जा सकता है।
फिलहाल सस्पेंस: कितनी किश्तें चूकने पर होगी कार्रवाई? RBI मांगेगा सबकी राय!
वर्तमान में, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि कितनी ईएमआई (EMI) चूकने पर फोन को लॉक किया जा सकेगा, और क्या ऐसी स्थिति में ग्राहकों को पहले चेतावनी दी जाएगी या कोई अतिरिक्त समय प्रदान किया जाएगा। RBI ने यह साफ कर दिया है कि अंतिम निर्णय लेने से पहले सभी संबंधित पक्षों की राय और सुझावों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।
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