सोने में आई बहार! गोल्डमैन सैक्स का बड़ा दावा, जानिए क्या होगा आगे
नई दिल्ली: सोने की कीमतों में इन दिनों जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है, जो न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया को प्रभावित कर रहा है। गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) की एक ताजा रिपोर्ट ने इस तेजी पर और भी मुहर लगा दी है। निवेश बैंक ने सोने को अपनी "सबसे भरोसेमंद लॉन्ग कमोडिटी" (Highest Conviction Long Commodity) करार दिया है, जो आने वाले महीनों में और भी बुलिश होने की उम्मीदें जगा रहा है।
गोल्डमैन सैक्स के अनुसार, निजी और संस्थागत निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी, एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी, और दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों द्वारा लगातार की जा रही खरीद सोने की कीमतों को आसमान की ओर धकेल रही है।
अंतरराष्ट्रीय और भारतीय बाज़ार में सोने का धमाल
फिलहाल, अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में सोना लगभग $3,937 प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा है। वहीं, भारत में 10 ग्राम सोने की कीमत ₹1.21 लाख के पार पहुंच चुकी है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अगस्त 26 से अब तक सोने की कीमतों में लगभग 14% का इजाफा हुआ है, और यह अपने पिछले दायरे $3,200–$3,450 प्रति औंस से काफी ऊपर निकल चुका है।
गोल्डमैन सैक्स की विशेष "Precious Comment Report" ने सोने की इस शानदार रैली के पीछे तीन प्रमुख कारणों पर प्रकाश डाला है:
पश्चिमी देशों में ETF निवेश में अभूतपूर्व उछाल:
सितंबर महीने में पश्चिमी बाज़ारों के ETF होल्डिंग्स में 109 टन की ज़बरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि मॉडल के अनुसार यह आंकड़ा सिर्फ 17 टन रहने की उम्मीद थी। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि निवेशक अपने पोर्टफोलियो को सुरक्षित करने के लिए सोने में भारी मात्रा में निवेश कर रहे हैं।सेंट्रल बैंकों की बढ़ती खरीददारी:
रिपोर्ट के अनुसार, सेंट्रल बैंकों द्वारा सोने की मांग में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। यह वृद्धि केवल मौसमी कारकों का नतीजा नहीं है, बल्कि आर्थिक अनिश्चितता के दौर में अपने रिजर्व को सुरक्षित रखने की एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है।- स्पेकुलेटिव निवेशकों की नई पोजिशनिंग:
बाज़ार में स्पेकुलेटिव निवेशकों की सक्रियता और उनकी नई पोजीशनिंग भी सोने की कीमतों को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है।
क्या सोने का यह सफर जारी रहेगा?
गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि 2026 के मध्य तक सोने की कीमत $4,000 प्रति औंस के स्तर को पार कर सकती है, और दिसंबर 2026 तक यह $4,300 प्रति औंस तक भी पहुंच सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा तेजी केवल अल्पकालिक सट्टेबाजी का परिणाम नहीं है, बल्कि निवेशकों की प्राथमिकताओं में एक स्थायी बदलाव का संकेत है।
गोल्डमैन सैक्स ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे सोने को केवल "ग्रोथ हेज" के तौर पर न देखें, बल्कि इसे एक "पोर्टफोलियो स्टेबलाइज़र" के रूप में अपनाएं। सोने की यह ख़ासियत है कि यह आर्थिक अस्थिरता या शेयर बाज़ार में गिरावट के मुश्किल समय में भी निवेशकों को सुरक्षा का कवच प्रदान करता है।
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