स्विगी का ‘मिशन 2031’: 10,000 करोड़ के मुनाफे और 2.5 लाख करोड़ के टर्नओवर की ओर बड़ी छलांग
नई दिल्ली: फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स की दिग्गज कंपनी स्विगी ने भविष्य के लिए अपनी महत्वाकांक्षी योजनाओं का खुलासा कर दिया है। कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2030-31 तक अपने कारोबार को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हुए लगभग 10,000 करोड़ रुपये का समायोजित ईबीआईटीडीए (EBITDA) हासिल करना है। ईबीआईटीडीए असल में कंपनी की वह परिचालन आय होती है, जिसमें ब्याज, टैक्स और अन्य खर्चों को शामिल नहीं किया जाता। ‘कैपिटल मार्केट्स डे 2026’ के दौरान कंपनी ने अनुमान जताया कि वह अपने सकल ऑर्डर मूल्य (GOV) को वित्त वर्ष 2025-26 के 67,734 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2030-31 तक करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा देगी।
यह लक्ष्य सालाना आधार पर 30 प्रतिशत की शानदार वृद्धि को दर्शाता है। सुधार के संकेत अभी से दिखने लगे हैं; चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में कंपनी का समायोजित ईबीआईटीडीए 162 करोड़ रुपये सुधरा है, जिससे उसका कुल घाटा घटकर 651 करोड़ रुपये रह गया है। स्विगी के प्रबंध निदेशक और समूह सीईओ श्रीहर्ष मजेटी ने भविष्य को लेकर उत्साह जताते हुए कहा, “हम फूड डिलीवरी, क्विक कॉमर्स और आउट-डोर डाइनिंग जैसे तीन ऐसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं, जिनमें आने वाले वर्षों में विकास की जबरदस्त संभावनाएं मौजूद हैं।”
स्विगी की योजना के केंद्र में उसका फूड डिलीवरी बिजनेस है, जिसके 2031 तक 2.5 से 3.5 गुना बढ़ने और करीब 5,000 करोड़ रुपये का मुनाफा देने की उम्मीद है। वहीं, डाइनआउट कारोबार में पांच गुना वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है, जिससे 1,000 करोड़ रुपये का ईबीआईटीडीए मिलने का अनुमान है। कंपनी की त्वरित आपूर्ति इकाई ‘इंस्टामार्ट’ ने भी अपनी रफ्तार साबित की है; 2026-27 की पहली तिमाही में इसका जीओवी 40 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 7,907 करोड़ रुपये रहा। बेहतर मैनेजमेंट की बदौलत अब इंस्टामार्ट के 45 प्रतिशत से अधिक स्टोर्स मुनाफे की स्थिति में आ चुके हैं।
स्विगी का अगला बड़ा लक्ष्य इंस्टामार्ट के जरिए चार करोड़ से अधिक मासिक ग्राहकों तक पहुंच बनाना और 2030-31 तक 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का जीओवी हासिल करना है। वित्तीय रूप से मजबूत स्विगी फिलहाल पूरी तरह कर्ज-मुक्त है और उसके खजाने में 14,400 करोड़ रुपये की नकद राशि मौजूद है। कंपनी ने अपनी ‘इन्वेस्टर-ओन्ड’ पहचान की ओर बढ़ते कदम साझा करते हुए बताया कि एक जुलाई, 2026 तक उसकी घरेलू हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक हो गई है।
आगामी 18 अगस्त को होने वाली 13वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) से पहले, स्विगी के निदेशक मंडल ने विदेशी हिस्सेदारी की सीमा को बढ़ाकर 49.5 प्रतिशत करने को अपनी मंजूरी दे दी है।
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