ओडिशा के जयपुर स्थित विक्रम देव विश्वविद्यालय में प्लस-III सेकंड सेमेस्टर की अनिवार्य अंग्रेजी परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र WhatsApp पर सामने आने का मामला सामने आया है। परीक्षा 19 सितंबर को होनी थी, लेकिन निष्पक्षता बनाए रखने के लिए विश्वविद्यालय ने इसे स्थगित कर दिया। मामले की जांच साइबर पुलिस कर रही है।
परीक्षा से कुछ घंटे पहले सामने आया प्रश्नपत्र
विक्रम देव विश्वविद्यालय में Ability Enhancement Course (AEC) के तहत अंग्रेजी भाषा की परीक्षा आयोजित होनी थी। इसमें आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स के सेकंड सेमेस्टर के विद्यार्थी शामिल होने वाले थे।
परीक्षा 19 सितंबर को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक प्रस्तावित थी। इसके लिए विश्वविद्यालय के करीब 52 परीक्षा केंद्रों पर तैयारियां की गई थीं। हालांकि, परीक्षा शुरू होने से कुछ घंटे पहले छात्रों ने अधिकारियों को कथित प्रश्नपत्र WhatsApp ग्रुप में प्रसारित होने की जानकारी दी।
सुबह 11 बजे मिली शिकायत
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक रंजन प्रधान के मुताबिक, प्रशासन को शनिवार सुबह करीब 11 बजे मामले की जानकारी मिली, जबकि परीक्षा दोपहर 2 बजे शुरू होनी थी।
छात्रों की शिकायत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने WhatsApp पर प्रसारित प्रश्नपत्र की जानकारी जुटाई और उसकी जांच शुरू की। इसके बाद परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठने पर इसे स्थगित करने का फैसला लिया गया।
असली या फर्जी प्रश्नपत्र? जांच जारी
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले में कोरापुट साइबर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि WhatsApp पर प्रसारित प्रश्नपत्र कहां से आया और क्या वह वास्तव में विश्वविद्यालय द्वारा तैयार किए गए प्रश्नपत्र से मेल खाता है।
प्रशासन ने यह संभावना भी खुली रखी है कि वायरल किया गया प्रश्नपत्र फर्जी हो सकता है। जांच का एक पहलू यह भी है कि कहीं छात्रों को भ्रमित करने के उद्देश्य से तो कथित प्रश्नपत्र प्रसारित नहीं किया गया।
छात्रों को अफवाहों से दूर रहने की सलाह
परीक्षा स्थगित होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों से WhatsApp और सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले अपुष्ट संदेशों पर भरोसा नहीं करने की अपील की है।
छात्रों को सलाह दी गई है कि परीक्षा की नई तारीख, समय और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी के लिए केवल विश्वविद्यालय की आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें।
नए प्रश्नपत्र के साथ होगी परीक्षा
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, स्थगित परीक्षा के लिए नया प्रश्नपत्र तैयार किया जाएगा। परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि परीक्षा निकट भविष्य में आयोजित की जा सकती है, लेकिन नई तारीख और समय की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।
इस बीच साइबर पुलिस की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि WhatsApp पर प्रसारित प्रश्नपत्र वास्तविक था या फर्जी और इसे प्रसारित करने के पीछे किसकी भूमिका थी।
पहले भी सामने आए हैं पेपर लीक के मामले
पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के मामले को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में पहले भी विवाद सामने आते रहे हैं। हाल ही में छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में भी परीक्षा के पेपर को लेकर पुलिस जांच की मांग किए जाने की खबर सामने आई थी। वहां पहले दो पेपर रद्द किए जा चुके थे।
ऐसे मामलों में प्रश्नपत्र की वास्तविकता, स्रोत और उसे प्रसारित करने वाले लोगों की पहचान जांच का अहम हिस्सा होती है।
विक्रम देव विश्वविद्यालय में अंग्रेजी परीक्षा का प्रश्नपत्र WhatsApp पर सामने आने के बाद परीक्षा स्थगित कर दी गई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वायरल प्रश्नपत्र असली था या फर्जी। विश्वविद्यालय ने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और नई परीक्षा के लिए नया प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
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