राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर CM मोहन यादव का पलटवार, बोले- ‘झूठ की गूंज’

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PEEYUSH UPADHYAY
पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव...
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राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर CM मोहन यादव का पलटवार, बोले- ‘झूठ की गूंज’

इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद मध्य प्रदेश की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस नेता पर निशाना साधते हुए कहा कि शिक्षा, रोजगार और युवाओं जैसे मुद्दों पर चर्चा तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर होनी चाहिए।

‘छात्रों की गूंज’ पर CM मोहन यादव का जवाब

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 19 सितंबर को इंदौर में आयोजित राहुल गांधी के कार्यक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे ‘झूठ की गूंज’ बताया। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों, युवाओं और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद हो रहा है, तो प्रदेश के विकास से जुड़े आंकड़े भी सामने रखे जाने चाहिए।

वहीं, राहुल गांधी ने कार्यक्रम में छात्रों से जुड़े मुद्दों, शिक्षा व्यवस्था, रोजगार और भर्ती प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं रखीं। उन्होंने ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ के संदर्भ में सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।

शिक्षा बजट पर CM ने गिनाए आंकड़े

मोहन यादव ने मध्य प्रदेश की स्कूली शिक्षा को लेकर कहा कि सरकार कई योजनाओं के माध्यम से ड्रॉपआउट कम करने की दिशा में काम कर रही है। उनके मुताबिक, 2002-03 में प्रदेश की स्कूल ड्रॉपआउट दर करीब 16 प्रतिशत थी, जबकि अब सरकार इसे शून्य तक लाने की दिशा में प्रगति का दावा कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2002-03 के आसपास स्कूल शिक्षा का बजट करीब 2,000 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 38,658 करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने सांदीपनि विद्यालयों सहित विभिन्न योजनाओं का भी उल्लेख किया। ये आंकड़े मुख्यमंत्री द्वारा अपने जवाब में प्रस्तुत किए गए हैं।

मेडिकल कॉलेज और सीटों का किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में भी आंकड़े रखे। उनके अनुसार, 1956 से 2002-03 के बीच मध्य प्रदेश में पांच मेडिकल कॉलेज थे, जबकि आज राज्य में 33 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं।

उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या करीब 680 से बढ़कर 7,000 से अधिक हो गई है।

प्रति व्यक्ति आय और बिजली उत्पादन पर दावा

मोहन यादव ने राज्य की आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि प्रति व्यक्ति आय 2002-03 में करीब 11 हजार रुपये थी, जो अब बढ़कर 1.59 लाख रुपये हो गई है।

उन्होंने बिजली उत्पादन क्षमता में वृद्धि का भी दावा किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, 2002-03 तक प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता करीब 5,000 मेगावाट थी, जो अब लगभग 32,000 मेगावाट हो गई है।

रोजगार और सरकारी भर्तियों का भी उल्लेख

मुख्यमंत्री ने रोजगार के मुद्दे पर कहा कि पुलिस विभाग में करीब 18 हजार पदों पर भर्ती की जा रही है और लगभग 10 हजार युवाओं को प्रशिक्षण देकर पुलिस सेवा से जोड़ा जा चुका है।

उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग में 10 हजार भर्तियां किए जाने और करीब 7 हजार प्राध्यापकों की भर्ती का भी उल्लेख किया। इसके अलावा उन्होंने एक लाख से अधिक पदों पर प्रमोशन और हर साल एक लाख पदों के सृजन की दिशा में काम करने की बात कही।

विकास के आंकड़ों पर संवाद की अपील

मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश की शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, आय और रोजगार से जुड़ी स्थिति पर चर्चा तथ्यों और आंकड़ों के साथ होनी चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी से प्रदेश की जनता के साथ विकास के मुद्दों पर तथ्यात्मक संवाद करने की अपील की।

दूसरी ओर, राहुल गांधी के कार्यक्रम में छात्रों ने शिक्षा, भर्ती, परीक्षा और रोजगार से जुड़ी समस्याएं उठाईं। ऐसे में दोनों पक्षों के बयानों के बीच मध्य प्रदेश में शिक्षा और रोजगार का मुद्दा राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।

इंदौर के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव और राहुल गांधी के बीच शिक्षा, रोजगार और प्रदेश के विकास को लेकर राजनीतिक बहस सामने आई है। मुख्यमंत्री ने अपने जवाब में बजट, मेडिकल कॉलेज, प्रति व्यक्ति आय, बिजली और भर्ती से जुड़े आंकड़े रखे, जबकि राहुल गांधी ने छात्रों से जुड़े मुद्दों और सरकारी व्यवस्था पर सवाल उठाए। दोनों पक्षों के दावों को संबंधित आंकड़ों और आधिकारिक स्रोतों के आधार पर अलग-अलग परखा जाना जरूरी है।


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पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव पत्रकारिता में 7+ वर्षों का है और वे निष्पक्ष, भरोसेमंद और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कई पुरस्कार और मान्यता प्राप्त की है, जिनमें 2022 में “Best Investigative Journalist” और 2021 में “Top 10 Editors in Uttarakhand” शामिल हैं।
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